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Gold prices at all-time high: सोना नए शिखर पर, बजट के बाद कीमतों में 13 फीसदी का इजाफा

25 जुलाई के निचले स्तर से सोना 13 फीसदी यानी तकरीबन 9,000 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम मजबूत हुआ है।

Last Updated- September 27, 2024 | 6:49 PM IST

Gold prices at record high: घरेलू और ग्लोबल मार्केट में सोना (gold) नए रिकॉर्ड हाई पर है। अमेरिका में ब्याज दरों में पिछले बुधवार को चार साल बाद हुई कटौती और आगे भी तेज कटौती की बढ़ती संभावना के बीच गोल्ड में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है।

घरेलू फ्यूचर मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को 76,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई लेवल तक पहुंच गया। 25 जुलाई के निचले स्तर से यह 13 फीसदी यानी तकरीबन 9,000 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम ज्यादा है। फिलहाल एमसीएक्स पर सोने की कीमतें 75,500 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब है।

इससे पहले केंद्रीय बजट 2024 में इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती किए जाने के बाद सोने की कीमतों में 7 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट देखने को मिली थी। बजट के बाद 25 जुलाई को एमसीएक्स (MCX) पर कीमतें गिरकर 67,400 रुपये के निचले स्तर तक चली गई थी।  23 जुलाई को पेश किए गए आम बजट में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया गया। 

ठीक इसी तरह की की चाल सोने की हाजिर कीमतों में भी आज गुरुवार यानी 26 सितंबर को दर्ज की गई। Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक सोना 24 कैरेट (999) आज कारोबार के अंत में  75,750 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर देखा गया। IBJA के अनुसार घरेलू हाजिर बाजार में सोना 24 कैरेट (999) 18 जुलाई 2024 को शुरुआती कारोबार में 74,065 रुपये प्रति 10 ग्राम की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद  26 जुलाई को शुरुआती कारोबार में 68,069 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक चला गया था। 

इस साल अभी तक घरेलू मार्केट में गोल्ड की बेंचमार्क कीमतों में तकरीबन 20 फीसदी की बढ़त देखी गई है।

ग्लोबल मार्केट में सोने (gold) की कीमतों में देखी जा रही रिकॉर्ड तेजी से घरेलू कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। ग्लोबल मार्केट में बुधवार यानी 25 सितंबर 2024 को स्पॉट गोल्ड (spot gold) 2,670.43 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह बेंचमार्क यूएस दिसंबर  गोल्ड फ्यूचर्स (Gold COMEX Aug′24) भी बुधवार को कारोबार के दौरान 2,693.70 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर देखा गया। इस साल अभी तक ग्लोबल मार्केट में गोल्ड की बेंचमार्क कीमतों में तकरीबन 30 फीसदी की बढ़त देखी गई है।

जानकारों के अनुसार अमेरिका में ब्याज दरों में और कटौती की संभावना के जोर पकड़ने की वजह से फिलहाल गोल्ड में शानदार तेजी देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर (US Dollar) और बॉन्ड यील्ड (US Bond Yield) में कमजोरी भी कीमतों के लिए एक हद तक मददगार रहा है। पिछले 3 महीने में यूएस डॉलर इंडेक्स में तकरीबन 5 फीसदी की कमजोरी आई है। समान अवधि के दौरान 10 वर्षीय यूएस बॉन्ड यील्ड में भी 50 बेसिस प्वाइंट  से ज्यादा की कमी आई है।

मार्केट में फिलहाल इस बात की संभावना बेहद प्रबल हो गई है कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक नवंबर की अपनी बैठक में एक बार फिर ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट यानी 0.50 फीसदी की कटौती सकता है। यदि अमेरिका में ब्याज दरों में आगे इतनी तेज कमी आती है तो सोने को और सपोर्ट मिलना लाजमी है। सोने पर कोई इंटरेस्ट/ यील्ड नहीं मिलता इसलिए ब्याज दरों के नीचे जाने से निवेश के तौर पर इस एसेट क्लास की पूछ-परख बढ़ जाती है।

जानकार मानते हैं कि अमेरिका सहित अन्य बड़े केंद्रीय बैंक यदि आगे भी ब्याज दरों में कटौती जारी रखते हैं तो पश्चिमी देशों में निवेशकों का रुझान फिर से गोल्ड की तरफ बढ़ सकता है और गोल्ड में आगे और भी स्पष्ट और टिकाऊ तेजी तेजी आ सकती है। आंकड़े भी इस बात की तस्दीक करते हैं कि पिछले दो महीने से पश्चिमी देशों में रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी गोल्ड को लेकर बढ़नी शुरू हो गई है।  इन जानकारों की मानें तो गोल्ड में आगे जो तेजी होगी उसमें पश्चिमी देशों के निवेशक शायद ज्यादा बड़ी भूमिका निभाएं।

इसके अलावे और भी कई और भी फैक्टर हैं जो गोल्ड को फिलहाल सपोर्ट कर रहे हैं। गोल्ड ईटीएफ (gold ETF) में फिर से बढ़ रहा निवेश उन्हीं महत्वपूर्ण फैक्टर में से एक है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल लेवल पर लगातार चौथे महीने अगस्त में गोल्ड ईटीएफ में निवेश में बढ़ोतरी (inflow) दर्ज की गई। अगस्त 2024 के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश में 2.1 बिलियन डॉलर (28.5 टन सोने की वैल्यू के बराबर) का इजाफा हुआ। जुलाई 2024 के दौरान ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश में 3.7 बिलियन डॉलर (48.5 टन सोने की वैल्यू के बराबर) का इजाफा हुआ था। जून 2024 के दौरान भी ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश 1.4 बिलियन डॉलर (17.5 टन सोने की वैल्यू के बराबर) बढ़ा था। इससे पहले लगातार 12 महीने की गिरावट के बाद मई में गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश 0.5 बिलियन डॉलर (8.2 टन सोने की वैल्यू के बराबर) बढ़ा था।

ग्लोबल लेवल पर बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच निवेश के सुरक्षित विकल्प (safe-haven) के तौर पर भी सोने की मांग बढ़ी है।

हालांकि कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बीच सोने की फिजिकल डिमांड पर असर पड़ सकता है। आंकड़े भी बताते हैं कि चीन में पिछले 4 महीने में फिजिकल डिमांड पर असर पड़ा है। हालांकि इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती के बाद भारत में फिजिकल डिमांड में तेजी आई है। लेकिन यदि कीमतें आगे और बढ़ती है तो फिजिकल डिमांड पर इसका असर पड़ सकता है।

 

First Published - September 26, 2024 | 4:40 PM IST

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