facebookmetapixel
Mustard Crop: रकबा बढ़ने के बीच अब मौसम ने दिया साथ, सरसों के रिकॉर्ड उत्पादन की आसNFO: कैसे अलग है जियोब्लैकरॉक का सेक्टर रोटेशन फंड? किसे करना चाहिए निवेश राष्ट्रपति मुर्मू ने गांधी, नेहरू से वाजपेयी तक को किया याद, राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुटता का आह्वानMaruti Suzuki Q3 Results: मुनाफा 4.1% बढ़कर ₹ 3,879 करोड़, नए लेबर कोड का पड़ा असर; शेयर 1.5% गिरा600% डिविडेंड का ऐलान होते ही मोतीलाल ओसवाल के शेयर में उछाल! रिकॉर्ड डेट जान लीजिएचांदी की तेजी अब ‘बूम’ से ‘सनक’ की ओर? एक्सपर्ट बता रहे क्या करें50% टूट चुके Textile शेयर में लौटेगी तेजी, नुवामा ने कहा – बेहतर स्थिति में नजर आ रही कंपनीअजित पवार का 66 साल की उम्र में निधन: 1991 में पहली बार जीता लोकसभा चुनाव, समर्थकों में ‘दादा’ के नाम से लोकप्रियIndia-EU ट्रेड डील पर मार्केट का मिक्स्ड रिएक्शन! ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?Budget Expectations: बजट में बड़ा ऐलान नहीं, फिर भी बाजार क्यों टिका है इन सेक्टरों पर

DA Hike: केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को दिया दिवाली तोहफा, बेसिक सैलरी या पेंशन का 53 फीसदी हुआ महंगाई भत्ता

सरकार ने एक बयान में कहा, ‘यह बढ़ोतरी मंजूर किए गए फॉर्मूले के तहत की गई है, जो सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक है।’

Last Updated- October 16, 2024 | 9:56 PM IST
Salary

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दीपावली से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसी तरह पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (डीआर) में भी 3 फीसदी की बढ़त की गई है। इस बढ़ोतरी से केंद्र सरकार के करीब 49 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा।

महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का भुगतान केंद्र सरकार के कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को किया जाता है, जिससे महंगाई के मुताबिक उनके मूल वेतन या पेंशन को समायोजित कर कीमतों में वृद्धि से उन्हें बचाया जा सके।

सीपीआई आधारित महंगाई सितंबर में 5 फीसदी के पार हो चुकी है। इस बढ़त के साथ, 1 जुलाई 2024 की प्रभावी तिथि से ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डीए और डीआर उनके मूल वेतन और मूल पेंशन का 53 फीसदी हो चुका है।

इसमें साल में दो बार 1 जनवरी और 1 जुलाई को बदलाव किया जाता है। यह श्रम ब्यूरो द्वारा प्रकाशित औद्योगिक कामगारों के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू) के मुताबिक किया जाता है।

सरकार ने एक बयान में कहा, ‘यह बढ़ोतरी मंजूर किए गए फॉर्मूले के तहत की गई है, जो सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक है।’ डीए और डीआर दोनों का मिलाकर खजाने पर कुल 9,448.35 करोड़ रुपये का सालाना बोझ पड़ेगा।

First Published - October 16, 2024 | 9:56 PM IST

संबंधित पोस्ट