facebookmetapixel
Advertisement
टाटा समूह के नए कारोबार मांग रहे बड़ी पूंजी, सेमीकंडक्टर से एयर इंडिया तक कई लाख करोड़ के निवेश पर नजरटीवी रेटिंग का संकट गहराया, सरकार की नई नीति के चलते विज्ञापन बाजार पर बढ़ी चिंताEditorial: कॉरपोरेट मुनाफे की रफ्तार तेज, निवेश पीछे; विनिर्माण को नई ताकत देना बड़ी चुनौतीरोजगार की नई राह बनेगा सेवा क्षेत्र, शिक्षा और स्वास्थ्य में छिपी बड़ी संभावनाएंउदारीकरण ने बदली दूरसंचार की तस्वीर, कभी फोन कनेक्शन के लिए सालों इंतजार करता भारत आज बना डिजिटल ताकतपरमाणु संयंत्रों के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट, सुरक्षा और निवेश दोनों पर फोकसFCNR (B) स्वैप सुविधा समय से पहले बंद, रुपये पर दबाव बढ़ा; सरकारी बॉन्ड यील्ड भी चढ़ीशेयर बाजार को मजबूत करने की तैयारी: SLBM का दायरा बढ़ाएगा SEBI, CAS को मिलेगी मजबूतीरिवॉल्विंग क्रेडिट पर रोक के प्रस्ताव से NBFC चिंतित, RBI को देंगे फीडबैकभाजपा ने बनाई नई टीम, 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे; स्मृति ईरानी महासचिव तो राम माधव बने उपाध्यक्ष

शेयर बाजार में इस हफ्ते कैसा रहेगा हाल? TCS रिजल्ट और ग्लोबल फैक्टर्स पर रहेंगी नजरें

Advertisement

Stock Market Outlook: इस हफ्ते बाजार की दिशा TCS के तिमाही नतीजों, रुपये की चाल, FPI गतिविधियों और अमेरिकी आर्थिक डेटा पर निर्भर रहेगी, निवेशक इन फैक्टर्स पर कड़ी नजर रखेंगे

Last Updated- October 05, 2025 | 3:49 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

शेयर बाजार पर इस हफ्ते रहेगी सबकी नजरइस हफ्ते शेयर बाजार में हलचल बनी रहेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार का मूड मैक्रोइकनॉमिक डेटा, ग्लोबल ट्रेंड्स और TCS जैसी बड़ी IT कंपनी के तिमाही नतीजों से तय होगा। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की ट्रेडिंग गतिविधियां भी बाजार पर असर डालेंगी। सितंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से 23,885 करोड़ रुपये (करीब 2.7 अरब डॉलर) निकाले। इस साल अब तक उनकी कुल निकासी 1.58 लाख करोड़ रुपये (17.6 अरब डॉलर) तक पहुंच चुकी है।

TCS की कमाई और ग्लोबल फैक्टर्स पर फोकस

9 अक्टूबर को IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS अपने दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) के नतीजे जारी करेगी। ये नतीजे बाजार के लिए अहम होंगे। इसके साथ ही, HSBC सर्विसेज और कम्पोजिट PMI डेटा, बैंकिंग सेक्टर के लोन और डिपॉजिट ग्रोथ के आंकड़े भी निवेशकों के रडार पर रहेंगे। ग्लोबल स्तर पर, अमेरिका के फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मिनट्स, जॉबलेस क्लेम्स और कंज्यूमर सेंटिमेंट डेटा पर भी नजर रहेगी।

अमेरिका में चल रही सरकारी शटडाउन की वजह से कुछ आर्थिक आंकड़ों में देरी हो सकती है।  रुपये की कमजोरी भी निवेशकों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। हाल ही में रुपये ने डॉलर के मुकाबले अपनी सबसे निचली स्तर को छुआ। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रुपये की चाल भी बाजार को प्रभावित करेगी। इसके अलावा, प्राइमरी मार्केट में भी हलचल रहेगी।

Also Read: MCap: टॉप 7 कंपनियों का मार्केट वैल्यू बढ़ा ₹74 हजार करोड़, HDFC बैंक ने मारी छलांग

टाटा कैपिटल और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बड़े IPO इस हफ्ते लॉन्च होने वाले हैं।  IT सेक्टर पर खास ध्यान रहेगा। TCS के नतीजों के साथ-साथ कंपनी प्रबंधन की टिप्पणी भी अहम होगी। हाल ही में IT सेक्टर को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसमें छंटनी, H-1B वीजा फीस में भारी बढ़ोतरी (1 लाख डॉलर तक), और ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 25% आउटसोर्सिंग टैक्स शामिल हैं। निवेशक प्रबंधन से टैरिफ और वीजा लागत के असर, हायरिंग के दृष्टिकोण, नए सौदों, टेक खर्च, और एआई पहलों पर अपडेट की उम्मीद करेंगे। इन टिप्पणियों से आने वाले हफ्तों में IT सेक्टर का मूड तय हो सकता है।

सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी से लौटी रौनक

पिछले हफ्ते BSE सेंसेक्स 780.71 अंक (0.97%) और निफ्टी 239.55 अंक (0.97%) चढ़ा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ग्रोथ को लेकर सकारात्मक रुख से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इस हफ्ते बाजार की चाल इन सभी फैक्टर्स पर निर्भर करेगी।

Advertisement
First Published - October 5, 2025 | 3:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement