facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

सोशल मीडिया पर शेयर बाजार का ज्ञान देनेवाले fin Influncers पर चला SEBI का डंडा

ज्ञान देने वाले किसी शेयर के नाम या उसके कोड के बारे में चर्चा करते समय पिछले 3 महीने के बाजार भावों के आंकड़ों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

Last Updated- January 30, 2025 | 10:08 PM IST
SEBI

बाजार नियामक सेबी ने ज्ञान देने वालों और वित्तीय फिनफ्यूएंसर्स के बीच अंतर साफ करने के लिए सीमाएं तय की हैं। उसने लाइव ट्रेडिंग डेटा साझा करने पर स्पष्टीकरण भी दिया है। अपंजीकृत इकाइयों के साथ जुड़ने पर पाबंदी के साथ-साथ बाजार नियामक ने स्पष्ट किया है कि ज्ञान देने वाले किसी शेयर के नाम या उसके कोड के बारे में चर्चा करते समय पिछले 3 महीने के बाजार भावों के आंकड़ों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

नियामक ने दोहराया है कि कोई अपंजीकृत इकाई अगर बाजार पर किसी तरह की सलाह या सिफारिश देती है, तो उस पर पाबंदी है। साथ ही नियामक की इजाजत के बिना किसी तरह के रिटर्न या प्रदर्शन का दावा करने पर भी रोक है। यह स्पष्टीकरण बुधवार को जारी किया गया। इसमें विस्तार से ऐसे हालात बताए गए हैं जब कोई व्यक्ति, जो ज्ञान देता हो, नियामकीय घेरे में आ सकता है।

हालांकि शिक्षकों के साथ जुड़ाव पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन नियमन वाली इकाइयों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निवेशकों को शिक्षित करने वाला किसी तरह की प्रतिबंधात्मक गतिविधियों से नहीं जुड़ा हो।

पिछले एक साल में सेबी ने 36 से ज्यादा इकाइयों और व्यक्तियों को चेतावनी पत्र जारी किए हैं जो अंपजीकृत निवेश सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे। इनमें टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया चैनलों के जरिये शेयरों की सिफारिश करने वाले व्यक्ति और सलाह के तौर पर शुल्क वसूलने वाले शामिल हैं जबकि वे सलाहकार के तौर पर पंजीकृत नहीं हैं।

First Published - January 30, 2025 | 10:05 PM IST

संबंधित पोस्ट