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Exit Polls के असर से सरकारी बॉन्ड और रुपया मजबूत, उधारी में भी गिरावट का अनुमान

10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6 अंक सुस्त होकर सोमवार को 6.94 फीसदी हो गई और यह 7 अप्रैल 2022 के बाद सबसे कम है।

Last Updated- June 03, 2024 | 9:44 PM IST
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एक्जिट पोल में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को जबरदस्त बहुमत मिलने के अनुमान के बाद रुपया और सरकारी बॉन्ड सोमवार को मजबूत हुए।

10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6 अंक सुस्त होकर सोमवार को 6.94 फीसदी हो गई और यह 7 अप्रैल 2022 के बाद सबसे कम है। यील्ड घटने का मतलब बॉन्ड का मजबूत होना है।

रुपये को शुरुआत में कुछ लाभ मिला और फिर यह दिन में दो माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में स्थानीय मुद्रा बेहतर हुई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 82.96 के स्तर पर पहुंच गया।

इसमें 15 दिसंबर 2023 के बाद से सर्वाधिक अंतर दिवस लाभ हुआ है। सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 83.15 पर बंद हुआ था और यह शुक्रवार को 83.47 प्रति डॉलर था।

बाजार के साझेदारों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रा के विनिमय दर में जारी उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए विदशी मुद्रा मार्केट में हस्तक्षेप किया था।

कोटक सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट-करेंसी डेरिवेटिव्स एवं ब्याज दर डेरिवेटिव्स अनिंद्य बनर्जी ने बताया, ‘आरबीआई ने करीब 83 रुपये प्रति डॉलर पर डॉलर की खरीदारी की। उसने करीब 20 करोड़ डॉलर की खरीदारी की।’ उन्होंने बताया, ‘कल (मंगलवार को) रुपये के और बेहतर होने की उम्मीद है और RBI को बाजार में हस्तक्षेप करना होगा।’

ज्यादातर चुनाव बाद सर्वेक्षणों में NDA को 350-400 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। मतों की गणना मंगलवार को होगी।

बनर्जी ने बताया, ‘यदि वे 400 से अधिक सीटें जीतते हैं तो आदर्श रूप से रुपया करीब 82.50 रुपये प्रति डॉलर के करीब होना चाहिए। हालांकि यह पूरी तरह आरबीआई पर निर्भर है। बहरहाल यह अनुमान मजबूत लग रहा है कि रुपया 82.50 प्रति डॉलर रहेगा।’

बॉन्ड मार्केट के साझेदारों का अनुमान है कि सीटों की संख्या से बाजार प्रभावित नहीं होना चाहिए। उधारी में गिरावट का अनुमान है और इससे कारोबारी सकारात्मक रुझान से प्रभावित होंगे।

ICICI सिक्योरिटीज की प्राइमरी डीलरशिप के वाइस प्रेसिडेंट नवीन सिंह ने बताया, ‘कुल मिलाकर बाजार ने मजबूत मांग प्रदर्शित की है और कारोबारी इस दाम को एक दिन आगे ले जाने में सक्षम हैं। लिहाजा कल (मंगलवार) मजबूत शुरुआत जारी रहने की उम्मीद है।’

इसके अलावा जेपी मॉर्गन बॉन्ड सूचकांक में शामिल किए जाने के कारण विदेशी मुद्रा के प्रवाह को समर्थन मिला है और इसका यील्ड पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सितंबर 2023 में जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने घोषणा की थी कि वह सरकारी प्रतिभूतियों को शामिल करने की प्रक्रिया को शुरू करेगा। इस क्रम में RBI द्वारा जारी व फुली एक्सेसबल रूट (FAR) के तहत जारी इन पेपरों को शामिल किया जाएगा और इन्हें व्यापक रूप से GBI-EM के जरिये ट्रैक किया जा सकता है।

शामिल करने की प्रक्रिया 28 जून से शुरू होगी और यह चरणबद्ध ढंग से 10 महीने तक जारी रहेगी। इस क्रम में हर महीने 1 फीसदी भारांश को शामिल किया जाएगा और यह प्रक्रिया 31 मार्च 2025 तक जारी रहेगी। चीन की ही तरह भारत के बॉन्ड का भारांश (वेटेज) 10 फीसदी होगा।

First Published - June 3, 2024 | 9:44 PM IST

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