facebookmetapixel
PSL वर्गीकरण विवाद पर RBI का रुख साफ: यह बैंकों का व्यक्तिगत मसला, पूरी व्यवस्था के लिए खतरा नहींसोने की कीमतों में उछाल से बढ़ा गोल्ड लोन का ग्राफ, RBI ने कहा: एसेट क्वालिटी पर कोई खतरा नहींREITs को मिली बैंक ऋण की मंजूरी: फंड जुटाना होगा आसान, कमर्शियल संपत्तियों का होगा विस्तारRBI का बड़ा फैसला: अब REITs को भी मिलेगा बैंक लोन, रियल एस्टेट सेक्टर की खुलेगी किस्मतOnline Fraud में पैसा डूबा! Reserve Bank देगा मुआवजा, जानें पूरा मामलाTata Steel Q3 Results: तीसरी तिमाही में मुनाफा 7 गुना उछला, ₹2,688 करोड़ के पार पहुंचा लाभरिकवरी कॉल्स से परेशान हैं? RBI ने सुन ली आपकी शिकायतShare Market: RBI Policy के बाद शेयर बाजार उछला, जानिए किस सेक्टर ने मारी बाजीBudget 2026 MSME सेक्टर के लिए गेम चेंजर रहा? जानें इसमें ऐसा क्या है और इसपर एक्सपर्ट क्या सोचते हैंRBI नए नियमों के जरिए कैसे भारतीयों के लिए बैंकिंग को आसान बनाने की कोशिश कैसे कर रहा है?

एशिया में Smallcap के लिए बेहतर संभावनाएं, Jefferies ने 15 शेयरों को Multibaggers Stocks की लिस्ट में रखा

जहां स्मॉलकैप और लार्जकैप दोनों को ही कुछ समय से डाउनग्रेड का सामना करना पड़ा है, वहीं आगामी EPS रुझान से Q4FY23 के बाद से स्मॉलकैप के लिए बड़े सुधार का पता चला है।

Last Updated- March 18, 2024 | 10:05 PM IST
Better growth supports the case for small-caps in Asia: Jefferies ए​​शिया में Smallcap के लिए बेहतर संभावनाएं, Jefferies ने 15 शेयरों को Multibaggers की लिस्ट में रखा

स्मॉलकैप के लिए बेहतर वृद्धि की संभावनाओं ने जेफरीज को ए​शियाई क्षेत्र में इस बाजार सेगमेंट पर उत्साहित बना दिया है। भारत के लिहाज से जेफरीज ने 15 शेयरों को संभावित मल्टीबैगर्स के रूप में पेश किया है। इस सूची में सिगनिटी टेक्नोलॉजीज, मैन इन्फ्रा कंस्ट्रक्शंस, कम्प्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज (कैम्स), ऐंजल ब्रोकिंग, कैंटाबिल रिटेल, जेबी केमिकल्स ऐंड फार्मा, एक्शन कंस्ट्रक्शन, सेंट्रल डिपोजिटरी सर्विसेज (CDSL), त्रिवेणी टर्बाइन, बीएलएस इंटरनैशनल, नारायण हृदयालय, आयन एक्सचेंज इंडिया, ग्रेट ईस्टर्न ​शिपिंग, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ऐंड जेनसार मुख्य रूप से शामिल हैं।

जेफरीज के महेश केडिया, देश पेरामुनेतिलके और निकोलस एनजी ने एक ताजा रिपोर्ट में लिखा है, ‘2024 एफ के लिए वृद्धि और 12 महीने आगामी ईपीएस रुझानों की तुलना से स्मॉलकैप के लिए आय को मदद मिलने का पता चलता है।

जहां स्मॉलकैप और लार्जकैप दोनों को ही कुछ समय से डाउनग्रेड का सामना करना पड़ा है, वहीं आगामी ईपीएस रुझान से 2023 की चौथी तिमाही के बाद से स्मॉलकैप के लिए बड़े सुधार का पता चला है। इसके अलावा, 2024 एफ की आय वृद्धि चीन, हांगकांग, भारत और आस्ट्रेलिया में लार्जकैप के मुकाबले स्मॉलकैप के लिए काफी अ​धिक है।’

जेफरीज का कहना है कि ए​शिया में स्मॉलकैप ने 2001 से बेहतर प्रदर्शन किया है और लार्जकैप के मुकाबले 216 प्रतिशत का शानदार प्रतिफल दिया। कोविड रिकवरी स्मॉलकैप के लिए एक प्रमुख उत्प्रेरक साबित हुई जिससे 2021 के बाद से लार्जकैप की तुलना में इसमें 27 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन को बढ़ावा मिला।

मल्टीबैगर शेयर

रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी बाजार सेगमेंटों में स्मॉलकैप मल्टीबैगर बनने की ज्यादा क्षमता रखते हैं। वर्ष 2000 से जापान को छोड़कर ए​शिया प्रशांत देशों के शेयर बाजारों ने शानदार प्रदर्शन दर्ज किया और मल्टीबैगर का प्रतिफल वै​श्विक औसत 9 प्रतिशत के मुकाबले 11 प्रतिशत रहा। यूरोप के लिए यह आंकड़ा 9.8 प्रतिशत, अमेरिका के लिए 8.3 और जापान के लिए 7.6 प्रतिशत रहा।

जेफरीज का कहना है कि कई भारतीय क्षेत्रों ने संचार सेवाओं और संप​त्ति को छोड़कर मल्टीबैगर के मजबूत स्रोत के तौर पर काम किया है। इसके विपरीत हांगकांग और ताइवान में कई क्षेत्रों को मल्टीबैगर पैदा करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। चीन के ए श्रेणी के शेयरों में उनके विदेशी प्रतिस्प​र्धियों के मुकाबले मल्टीबैगर बनने की ज्यादा संभावना रहती है जबकि कई आस्ट्रेलियाई क्षेत्रों ने भी मजबूत वृद्धि दर्ज की है।

मुख्य खासियत

तो मल्टीबैगर शेयरों, खासकर स्मॉलकैप सेगमेंट में पहचान कैसे की जाए?

जेफरीज के विश्लेषण का मुख्य निष्कर्ष यह है कि अच्छी आय वृद्धि और मजबूत गुणवत्ता वाली स्मॉलकैप कंपनियों में आगे चलकर मल्टीबैगर बनने की ज्यादा संभावना रहती है। मजबूत आरऐंडडी खर्च, ऊंचे एसजीऐंडए खर्च और वै​श्विक विस्तार भी ऐसे संकेत हैं जो किसी कंपनी के चयन में मददगार साबित होते हैं।

First Published - March 18, 2024 | 10:05 PM IST

संबंधित पोस्ट