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Paint Stocks: पेंट कंपनियों के शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्मों का क्या है कहना?

पेंट क्षेत्र के राजस्व में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि बाजार की अग्रणी एशियन पेंट्स की बिक्री में 6 प्रतिशत की गिरावट का असर रहा। 

Last Updated- February 23, 2025 | 10:44 PM IST
Paint Stocks

शेयरों की कीमतों में तेज गिरावट, ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार के संकेत और कच्चे माल की कम लागत के बावजूद ब्रोकरेज कंपनियों ने सूचीबद्ध अग्रणी पेंट कंपनियों को लेकर अपने सतर्क रुख में कोई परिवर्तन नहीं किया है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कमजोर मांग की चिंताएं अभी भी धुंधली हैं। हालांकि शेयरों के भाव बहुत ज्यादा तो नहीं हैं लेकिन अधिकांश ब्रोकरेज कंपनियों का मानना ​​है कि जोखिम लेने पर उतना प्रतिफल अभी नहीं मिलेगा। 

मुख्य चिंता सुस्त मांग की है और यह वित्त वर्ष 25 की दिसंबर तिमाही के परिणामों में दिखती है। हालांकि चौथी तिमाही में सुधार के कुछ संकेत उभर रहे हैं। पूरे पेंट क्षेत्र के राजस्व में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि बाजार की अग्रणी एशियन पेंट्स की बिक्री में 6 प्रतिशत की गिरावट का असर रहा। 

तीन अग्रणी कंपनियों में एशियन पेंट्स ने वॉल्यूम में सबसे कम 1.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जबकि कीमत दबाव के कारण राजस्व में 7.5 फीसदी की कमी आई। कंपनी ने अपने कमजोर प्रदर्शन के लिए सुस्त मांग, ग्राहकों के सस्ता विकल्प चुनने और सुस्त त्योहारी सीजन को जिम्मेदार ठहराया।

इंडिगो पेंट्स को भी जूझना पड़ा है। उसका राजस्व 4 फीसदी घट गया। कंसाई नैरोलक ने अनुमानित 2 फीसदी की वॉल्यूम वृद्धि के साथ राजस्व में सपाट वृद्धि दर्ज की। एशियन पेंट्स को छोड़कर इस सेक्टर का राजस्व पिछले साल जितना ही रहा। पर्सी पंथकी की अगुआई में आईआईएफएल रिसर्च के विश्लेषकों ने सेक्टर के निराशाजनक प्रदर्शन की प्रमुख वजह कमजोर कीमतें, कम मांग और प्रतिकूल बिक्री मिश्रण बताई है।

हालांकि, कुछ ब्रोकरेज कंपनियों को जनवरी-मार्च तिमाही में सुधार के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। सिस्टमैटिक्स रिसर्च के विश्लेषक अभिषेक माथुर और रजत परब ने कहा कि चौथी तिमाही में कमजोर आधार के कारण मांग में सुधार के शुरुआती संकेत दिखने की संभावना है। इसमें पिछली तिमाहियों की टाली गई खरीद, आधार मूल्य में कटौती को चरणबद्ध तरीके से खत्म करना, वितरण/बिक्री में तेजी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार की रफ्तार शामिल है।

कच्चे माल की लागत में कमी आई है। लेकिन कीमतों में कटौती और प्रतिकूल उत्पाद मिश्रण ने मार्जिन पर दबाव डाला है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में 5 से 9 फीसदी की गिरावट (सालाना और तिमाही आधार पर) और टाइटेनियम डाइऑक्साइड की कीमतों में स्थिरता नहीं होती तो यह असर और भी गंभीर होता।

आईआईएफएल रिसर्च के अनुसार लगातार चौथी तिमाही में परिचालन लाभ मार्जिन में सालाना आधार पर गिरावट आई है। इस क्षेत्र में 240 आधार अंकों की औसत गिरावट आई और इसकी वजह सकल मार्जिन का 90 आधार अंक घटना, अन्य खर्चों में 80 आधार अंकों की वृद्धि और कर्मचारियों की लागत में 60 आधार अंकों की वृद्धि रही। हालांकि, इनपुट लागत में बचत इस क्षेत्र को प्रभावित करने वाली व्यापक बाधाओं से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं रही है।

आनंद राठी रिसर्च के विश्लेषक अजय ठाकुर ने कहा कि कम इनपुट लागत से मार्जिन में कुछ राहत मिलती है, लेकिन मांग में धीमी रिकवरी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा से आय पर असर पड़ना जारी है। ब्रोकरेज ने 2023-24 से 2026-27 तक इस क्षेत्र के राजस्व में 6 फीसदी वृद्धि और शुद्ध लाभ में 3 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया है।

यह दबाव शेयरों के प्रदर्शन में दिखता है। पिछले एक साल में इंडिगो पेंट्स में 28 फीसदी की गिरावट आई है जबकि एशियन पेंट्स और कंसाई नैरोलक में 21 से 25 फीसदी की फिसलन हुई है। तीन अग्रणी पेंट कंपनियों के आगे के मूल्यांकन उनके पांच साल के औसत से 31-36 फीसदी छूट पर कारोबार कर रहे हैं। इसके बावजूद ब्रोकरेज सतर्क बने हुए हैं। आईआईएफएल रिसर्च ने इस सेक्टर पर शेयर में निवेश घटाएं की रेटिंग बनाए रखी है। उसने कहा है कि मूल्यांकन ठीक हो गए हैं लेकिन चुनौतीपूर्ण मांग के माहौल और गहराती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए वृद्धि में कम भरोसा है।

आनंद राठी रिसर्च की भी ऐसी राय ही है। उसके नोट में कहा गया कि शेयर कीमत में हाल की गिरावट और कम भावों के बावजूद हम सतर्क बने हुए हैं और इस क्षेत्र में मुनाफावसूली की सिफारिश करते हैं।

सिस्टमैटिक्स रिसर्च का मध्य अवधि के लिए ज्यादा आशावादी रुख है। यह बताता है कि अग्रणी कंपनियों के लिए एक साल आगे का पीई मूल्यांकन ऐतिहासिक औसत से बहुत कम हैं जिससे कम वृद्धि, मार्जिन पर दबाव और प्रतिस्पर्धी परिदृश्य का पता चलता है। ये कारक निकट अवधि में सावधानी की जरूरत बताते हैं। लेकिन मांग में धीरे-धीरे सुधार के कारण हम मध्य अवधि में दोबारा मूल्यांकन की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही बाजार में आने वाली नई कंपनी का बाजार विस्तार शुरुआती अनुमान की तुलना में धीमी गति से बढ़ रहा है। 

First Published - February 23, 2025 | 10:44 PM IST

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