facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

तीसरी बार IPO टला, लोन अटका, और कंपनी की वैल्यूएशन आधी! आखिर क्या चल रहा है OYO में?

OYO ने पहली बार साल 2021 में IPO लाने की योजना बनाई थी, तब कंपनी की वैल्यूएशन $12 बिलियन तक थी।

Last Updated- May 02, 2025 | 7:22 PM IST
OYO

भारतीय बजट होटल कंपनी OYO ने अपना IPO एक बार फिर टाल दिया है। अब कंपनी की योजना मार्च 2026 तक शेयर बाजार में लिस्ट होने की है। यह फैसला कंपनी ने अपने सबसे बड़े शेयरधारक सॉफ्टबैंक के विरोध और शेयर बाजार में चल रही अस्थिरता के कारण लिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, OYO अब करीब $7 बिलियन (करीब ₹58,000 करोड़) वैल्यूएशन पर लिस्ट होना चाहती है।

सॉफ्टबैंक ने क्यों किया विरोध?

रिपोर्ट के मुताबिक, सॉफ्टबैंक नहीं चाहता कि OYO इस साल अक्टूबर में IPO लाए। उसका मानना है कि कंपनी को तब तक इंतज़ार करना चाहिए जब तक उसकी कमाई (earnings) और मजबूत न हो जाए। यही वजह है कि सॉफ्टबैंक ने IPO को टालने के लिए OYO पर दबाव बनाया।

बाजार में उतार-चढ़ाव जारी

हालांकि भारत का प्रमुख शेयर इंडेक्स Nifty 50 इस साल अब तक करीब 3% ऊपर है, लेकिन यह अभी भी पिछले साल अक्टूबर के ऑल टाइम हाई से 7% नीचे है। यही वजह है कि दूसरी कंपनियां भी IPO योजनाओं पर रोक लगा रही हैं। पिछले हफ्ते, LG Electronics की भारतीय यूनिट ने भी कुछ तिमाहियों के लिए अपना IPO टाल दिया। वहीं, इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी Ather Energy ने न केवल IPO छोटा किया, बल्कि अपनी वैल्यूएशन को भी आधा कर दिया।

ऋण चुकाने के दबाव में थे OYO फाउंडर

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि OYO के संस्थापक रितेश अग्रवाल IPO को जल्दी लाने के पक्ष में थे। दरअसल, उन्होंने साल 2019 में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए $2.2 बिलियन का लोन लिया था। इस कर्ज की पहली किस्त दिसंबर में चुकानी थी। ऋणदाता इस शर्त पर किश्त को आगे बढ़ाने को तैयार थे कि OYO इस साल IPO लाए।

IPO टलने से मिलेगी लोन रिपेमेंट में राहत?

हालांकि अब ऐसा माना जा रहा है कि सॉफ्टबैंक, जिसने इस लोन की निजी गारंटी दी थी, रितेश अग्रवाल को किस्त चुकाने की समय-सीमा बढ़वाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसके बदले में IPO को और टालना होगा। OYO ने पहली बार साल 2021 में IPO लाने की योजना बनाई थी, तब कंपनी की वैल्यूएशन $12 बिलियन तक थी। फिर मार्च 2023 में SEBI के पास गोपनीय दस्तावेज जमा किए गए, लेकिन मई 2023 में इसे भी टाल दिया गया। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

First Published - May 2, 2025 | 7:18 PM IST

संबंधित पोस्ट