facebookmetapixel
Advertisement
होर्मुज में बारूदी सुरंगों का जाल: समंदर की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर यह क्यों है एक गंभीर खतरा?Gen Z का गुस्सा? राघव चड्ढा का BJP में जाना युवाओं को नहीं आया रास, 24 घंटे में घटे 14 लाख फॉलोअर्स!IDFC First Bank Q4 Results: नेट प्रॉफिट ₹319 करोड़ पर पहुंचा, ₹NII 15.7% बढ़कर 5,670 करोड़ के पारSBI vs ICICI vs HDFC Bank: 20 साल के लिए लेना है ₹30 लाख होम लोन, कहां मिलेगा सस्ता?‘पोर्टेबल KYC से बदलेगा निवेश का अंदाज’, वित्त मंत्री ने SEBI को दिया डिजिटल क्रांति का नया मंत्रबीमा लेते वक्त ये गलती पड़ी भारी, क्लेम रिजेक्ट तक पहुंचा सकती है सच्चाई छुपानाआसमान से बरस रही आग! दिल्ली से लेकर केरल तक लू से लोग परेशान, IMD ने जारी की नई चेतावनीपेटीएम की दोटूक: RBI की कार्रवाई का बिजनेस पर कोई असर नहीं, कामकाज पहले की तरह चलता रहेगाअमेरिका में बड़ा बवाल! H-1B वीजा पर 3 साल की रोक का बिल पेश, भारतीय प्रोफेशनल्स पर असर की आशंकाUpcoming Rights Issue: अगले हफ्ते इन 4 कंपनियों के शेयर सस्ते में खरीदने का मौका, चेक करें पूरी लिस्ट

ईवी में अग्रणी बने रहने को लक्षित है ओला का आईपीओ

Advertisement

बाजार के विशेषज्ञों और प्रतिस्पर्धियों ने कहा कि जुटाई गई रकम ईवी बिजनेस के विस्तार के लिए जरूरी योजना के मुताबिक है।

Last Updated- December 25, 2023 | 1:31 PM IST
Ola IPO
Representative Image

ओला इलेक्ट्रिक का 5,500 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम अनिवार्य रूप से यह सुनिश्चित करने को लक्षित है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया के दांव पर वह अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रख सके क्योंकि टीवीएस और बजाज ऑटो बाजार हिस्सेदारी के मामले में पहले पायदान वाले के मुकाबले आगे निकलने की कोशिश कर रही है।

बाजार के विशेषज्ञों और प्रतिस्पर्धियों ने कहा कि जुटाई गई रकम ईवी बिजनेस के विस्तार के लिए जरूरी योजना के मुताबिक है। उच्च प्रतिस्पर्धा वाले दोपहिया बाजार में दो तरह के ट्रेंड नजर आ रहे हैं। पहला, दो पुरानी कंपनियां बाजार हिस्सेदारी में धीरे-धीरे इजाफा कर रही हैं और ओला के साथ उनका अंतर कुल मिलाकर कम हो रहा है। दूसरा, इलेक्ट्रिक दोपहिया का विस्तार मामूली घटा है और वित्त वर्ष के आखिर तक बिक्री उद्योग के 12 लाख के अनुमान के आसपास नहीं है, जिसकी वजह इस वाहन पर सरकार की तरफ से सब्सिडी अचानक घटाने का फैसला है। नए आंकड़े करीब 9 लाख हैं।

दिसंबर तिमाही में पंजीकरण के आंकड़े (वाहन पर) बताते हैं कि दोपहिया की दो पुरानी कंपनियों का संचयी तौर पर बाजार हिस्सेदारी 34.3 फीसदी है, जबकि ओला का 34.1 फीसदी। हम कह सकते हैं कि मुकाबला बराबरी का है। इसकी तुलना में जून तिमाही में ओला ने डीआरएचपी दस्तावे में राजस्व व मार्जिन के जो आंकड़े दिए थे, उसमें ओला के लिए 32.7 फीसदी था जबकि बाकी दो का 25.6 फीसदी।
प्रतिस्पर्धी बताते हैं कि आईसीई दोपहिया के मामले में टीवीएस व बजाज के पास बड़ा वितरण पहले से ही उपलब्ध है, ऐसे में वॉल्यूम में बढ़ोतरी ओला के मुकाबले उसके लिए आसान है जबकि ओला लगातार निवेश कर रही है और अपने अनुभव केंद्र का गठन कर रही है। प्रतिस्पर्धी दोपहिया कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, देश भर में उपलब्धता सुनिश्चित कर वे हर महीने 25,000 वाहनों का वॉल्यूम आसानी से खड़ी कर सकते हैं। वास्तविक खेल उत्पाद व ब्रांड को लेकर होगा।

दूसरा, आईसीई अभी खत्म नहीं हुआ है, जैसा कि ओला ने हमेशा अनुमान लगाया है। फेम-2 सब्सिडी पर निर्भरता स्पष्ट तौर पर सामने आ गई जब सरकार ने इस साल इसमें एक तिहाई की कटौती का फैसला लिया। इससे उद्योग की बिक्री प्रभावित हुई और इलेक्ट्रिक दोपहिया के प्रसार पर भी असर पड़ा।

Advertisement
First Published - December 25, 2023 | 1:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement