Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को हल्की गिरावट लेकर बंद हुए। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 14 अंक फिसलकर 85,707 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी-50 13 अंक टूटकर 26,203 पर बंद हुआ। निवेशकों की नजर आज दूसरी तिमाही (Q2FY26) के जीडीपी आंकड़ों पर है, जो बाद में जारी होंगे। इन आंकड़ों से देश की आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जाएगा।
30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स आज 71 अंक की बढ़त के साथ खुला। दिन के कारोबार के दौरान इस इंडेक्स ने 85,969.89 के हाई और 85,577.82 के लो रेंज में ट्रेड किया। अंत में सेंसेक्स 13.71 अंक यानी 0.02 फीसदी फिसलकर 85,706.67 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 26,237 पर खुला।दिन के कारोबार के दौरान इस इंडेक्स ने 26,280.75 के हाई और 26,172.40 के लो रेंज में ट्रेड किया। अंत में निफ्टी-50 12.60 अंक यानी 0.05% फीसदी टूटकर 26,202.95 पर बंद हुआ।
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हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), सन फार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और कोटक महिंद्रा बैंक सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, इटर्नल और इंफोसिस सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर रहे।
सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी आईटी, रियल्टी और ऑयल एवं गैस क्रमशः 0.11%, 0.19% और 0.69% टूटे। इसके विपरीत, निफ्टी ऑटो 0.62% बढ़ा और निफ्टी फार्मा में 0.59% की बढ़त देखी गई।
ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 में 0.11% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.27% की गिरावट दर्ज की गई।
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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा, “भारतीय इक्विटी बाजार मजबूती दिखाते रहे, हालांकि हालिया बढ़त के बाद ब्रॉडर मार्केट में कुछ चुनिंदा मुनाफावसूली देखने को मिली। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं में प्रगति से बाजार सेंटीमेंट मजबूत हुए। साथ ही लार्ज-कैप सेक्टर्स—ऑटो, फाइनेंशियल्स और फार्मा—के अच्छे प्रदर्शन ने पॉजिटिव रुझान बनाए रखा। वैश्विक स्तर पर टेक शेयरों में जारी तेजी और फेड के रेट कट की बढ़ती उम्मीदों ने भी निवेशकों का विश्वास बढ़ाया।”
PL कैपिटल के हेड एडवाइजरी, Vikram Kasat के मुताबिक, निफ्टीआईटी इंडेक्स ने इस साल अब तक (CYTD25) निफ्टी के मुकाबले 25% कम प्रदर्शन किया है। इसका मुख्य कारण 16% पी/ई रेटिंग में गिरावट और मैक्रो इकॉनमी व एआई को लेकर अनिश्चितता बताई जा रही है।
कासत ने कहा कि स्टॉक्स का प्रदर्शन उनके EPS रिवीजन के साथ अच्छी तरह मेल खाता है, और इस साल मिड-साइज आईटी कंपनियों ने बड़ी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
हालांकि, भविष्य में ग्रोथ का अनुमान अस्थिर बना हुआ है। कंपनियों के मैनेजमेंट के मार्गदर्शन के अनुसार, विकास धीरे-धीरे होगा, जिससे FY27 के लिए एनालिस्ट की उम्मीदें खतरे में हो सकती हैं। ऐसे में पी/ई मल्टीपल्स पर दबाव बना रहेगा।
कासत ने निवेशकों को सलाह दी है कि इंफोसिस पर ध्यान दिया जा सकता है।