facebookmetapixel
दीपिंदर गोयल ने Eternal CEO पद से दिया इस्तीफा; अलबिंदर सिंह धिंडसा को मिली कमानजमीन सौदों में MMR की बादशाहत, 2025 में 500 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदीWhiteOak MF लाया नया कंजम्प्शन फंड, ₹100 की छोटी SIP से बड़ी ग्रोथ का मौका?Cabinet Decision: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक जारी रहेगी, कैबिनेट से मंजूरी; सरकारी सहायता भी बढ़ीAU SFB share: दमदार Q3 के बावजूद 3% टूटा, अब खरीदने पर होगा फायदा ? जानें ब्रोकरेज का नजरिया₹535 से ₹389 तक फिसला Kalyan Jewellers का स्टॉक, क्या अभी और गिरेगा? जानें क्या कह रहे चार्टGroww ने लॉन्च किया Groww Prime, म्युचुअल फंड निवेश होगा अब ज्यादा स्मार्ट और आसान!Cabinet Decision: SIDBI को ₹5,000 करोड़ का इक्विटी सपोर्ट, MSME को मिलेगा सस्ता कर्जStocks To Buy: मार्केट क्रैश में खरीदारी का मौका, बोनांजा की पसंद 3 पीएसयू बैंक शेयर; 27% तक अपसाइड34% रिटर्न दे सकता है ये IT स्टॉक, Q3 में 18% बढ़ा मुनाफा; ब्रोकरेज ने कहा- सही मौका

Mutual Funds: निश्चित आय वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं से निवेशकों ने फरवरी में 13,815 करोड़ निकाले

Last Updated- March 13, 2023 | 5:51 PM IST
Be careful before investing in Mutual Fund, tax rules have changed
BS

निवेशकों ने निश्चित आय वाली यानी बॉन्ड में निवेश से जुड़ी म्यूचुअल फंड योजनाओं से फरवरी में 13,815 करोड़ रुपये निकाले। इसके साथ ही नीतिगत दर में वृद्धि का दौर जल्दी समाप्त होने की उम्मीदों के बावजूद लगातार तीसरे महीने म्यूचुअल फंड से निकासी हुई है। इससे पहले ऐसे कोषों से जनवरी में 10,316 करोड़ रुपये जबकि दिसंबर में 21,947 करोड़ रुपये निकाले गये थे।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2022 में म्यूचुअल फंड्स में 3,668 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। निश्चित आय वाले कोष की 16 श्रेणियों में से नौ में समीक्षाधीन महीने में निकासी हुई जबकि शेष छह में निवेश हुआ। बहुत कम अवधि के निवेश वाले कोष से भारी निकासी हुई। कुल मिलाकर, बॉन्ड से जुड़े फंडों में समीक्षाधीन समय में 13,815 करोड़ रुपये की निकासी हुई।

यह भी पढ़ें : NPS अपनाएं बुढ़ापा सुधारें और कर भी बचाएं

मॉर्निंगस्टार इंडिया की शोध प्रबंधक- वरिष्ठ विश्लेषक कविता कृष्णन ने कहा कि निवेशक अन्य संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा, नये विकल्प मिलने से भी निवेशक बॉन्ड के बजाए इसे तरजीह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत दर के मोर्चे पर अगर कुछ बदलाव होता है, तो निवेशक बॉन्ड में निवेश के लिये फिर से आ सकते हैं।

First Published - March 13, 2023 | 5:51 PM IST

संबंधित पोस्ट