facebookmetapixel
Advertisement
किसानों को बड़ी राहत! सरकार ने प्याज की सरकारी खरीद कीमत 13.3% बढ़ाई, अब मिलेगा यह नया भावक्या कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस के बाद भी आपको हॉस्पिटल को देना पड़ा पैसा? एक्सपर्ट से जानिए इसकी असली वजहDividend Stocks: अगले हफ्ते एक्सिस बैंक, टाटा, JSW समेत 45 कंपनियां बाटेंगी बंपर मुनाफा, नोट करें रिकॉर्ड डेटटेलीग्राम पर सरकार का सख्त, फिल्मों-वेब सीरीज की पायरेसी रोकने के लिए दिया 15 दिन का अल्टीमेटममुफ्त शेयरों की बरसात! अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेटशेयर बाजार में धमाका: अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं 1 के बदले 10 शेयर, नोट कर लें तारीख!यूपी सरकार ने FY27 के लिए तय किया ₹71,278 करोड़ का भारी-भरकम आबकारी लक्ष्य, पहले तीन महीने में रिकॉर्ड कमाईअब उत्तर प्रदेश से सीधे विदेश जाएगा आम, हॉट वेपर ट्रीटमेंट की व्यवस्था राज्य में ही करने जा रही योगी सरकारउत्तर प्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कोल इंडिया और UPRVUNL के बीच हुआ बड़ा समझौताफार्मा कंपनियों को सरकार से बड़ी राहत, अब दवा की वास्तविक ओवरचार्जिंग पर ही होगी कार्रवाई

पीएसयू बैंक इंडेक्स ने भरी उड़ान, लेकिन प्राइवेट फोकस वाले एक्टिव बैंकिंग फंड बुरी तरह पिछड़े

Advertisement

वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले छह महीनों में ऐक्टिव बैंकिंग और वित्तीय सेवा फंडों का औसत रिटर्न 9.2 फीसदी रहा है

Last Updated- November 21, 2025 | 9:45 PM IST
Passive Mutual Fund
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

पिछले छह महीनों में घरेलू म्युचुअल फंडों (एमएफ) की श्रेणियों में खास तौर से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) पर केंद्रित सेक्टर फंडों ने सबसे मजबूत रिटर्न दिया है। लेकिन ऐक्टिव बैंकिंग फंड निजी लेनदारों की ओर अधिक झुकाव के कारण काफी पिछड़ गए हैं।

वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले छह महीनों में ऐक्टिव बैंकिंग और वित्तीय सेवा फंडों का औसत रिटर्न 9.2 फीसदी रहा है जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

अधिकांश ऐक्टिव बैंकिंग और वित्तीय सेवा (बीएफएसआई) फंडों का बड़ा निवेश (50 फीसदी से ज्यादा ) निजी क्षेत्र के 4-5 अग्रणी लेनदारों में है क्योंकि बैंकिंग क्षेत्र के लाभ के पूल में उनकी हिस्सेदारी ज्यादा है। इससे भी महत्त्वपूर्ण बात यह है कि उनके बेंचमार्क में उनका भारांक ज्यादा है।

निफ्टी फाइनैंशियल सर्विसेज इंडेक्स में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक और कोटक बैंक का करीब 70 फीसदी हिस्सा है। एसबीआई एकमात्र सरकारी बैंक है, जिसका इस इंडेक्स में 5 फीसदी से हिस्सा भारांश है। हालांकि ऐक्टिव फंडों के पास अपने पोर्टफोलियो स्वतंत्र रूप से बनाने की सुविधा होती है। फिर भी वे बेंचमार्क को ध्यान में रखते हैं क्योंकि उनके प्रदर्शन का आकलन इसी के आधार पर किया जाता है।

Also Read: SEBI ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट में म्युचुअल फंड को निवेश करने से रोका, एंकर राउंट में दी अनुमति

बीएफएसआई योजनाओं के ज्यादातर डायरेक्ट प्लानों ने छह महीने की अवधि में इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है। निफ्टी फाइनैंशियल सर्विसेज का कुल रिटर्न इंडेक्स छह महीनों में 7.17 फीसदी बढ़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी योजनाओं की विविधता वाली प्रकृति भी पीएसबी सूचकांकों के मुकाबले उनके प्रदर्शन में बड़े अंतर का एक कारण है।

आनंद राठी वेल्थ के संयुक्त सीईओ फीरोज अजीज ने कहा, ऐक्टिव बीएफएसआई फंड आमतौर पर अपना आवंटन निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों, बीमा और ब्रोकरेज फर्मों में करते हैं। इस कारण, भले ही पीएसयू बैंकिंग सेगमेंट ने मजबूत रिटर्न दिया हो, लेकिन बीएफएसआई फंड के प्रदर्शन पर इसका प्रभाव सीमित रहा।

वे यह भी उम्मीद करते हैं कि पीएसयू और निजी क्षेत्र के बैंकों के बीच निकट अवधि के प्रदर्शन का अंतर आगे चलकर कम हो जाएगा। वाटरफील्ड एडवाइजर्स में वरिष्ठ निदेशक और इक्विटी प्रमुख विपुल भोवार ने कहा, निजी बैंक फिर से चलने की स्थिति में हैं और मध्य अवधि में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

इसके अलावा, निजी बैंक बेहतर जमा फ्रैंचाइजी, विवेकपूर्ण परिसंपत्ति गुणवत्ता और प्रौद्योगिकी अपनाने से परिचालन दक्षता प्रदर्शित करते हैं, जिससे वे आगामी विकास अवसरों का लाभ उठाने की स्थिति में हैं। शेयर बाजार के विश्लेषक ओम घावलकर ने कहा कि निजी बैंकों का परिदृश्य बेहतर हो रहा है, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में तेजी का दौर थमता दिख रहा है।

Also Read: सैलरी जल्द खत्म हो जाती है? एक्सपर्ट ने इससे बचने के लिए बताया 50-30-20 फॉर्मूला, ऐसे कर सकते हैं शुरू

उन्होंने कहा, हालांकि पीएसयू बैंकों ने परिसंपत्ति गुणवत्ता सुधार और सरकारी सुधारों का लाभ उठाते हुए 2025 में 30 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। लेकिन 2026 में सेक्टर रोटेशन की संभावना है। निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक अपनी बहुवर्षीय तेजी के बाद अत्यधिक बढ़ा हुआ प्रतीत होता है, जिससे गिरावट का जोखिम बढ़ रहा है।

Advertisement
First Published - November 21, 2025 | 9:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement