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NFO: मोतीलाल ओसवाल एमएफ ने उतारा कंजम्पशन फंड, ₹500 से निवेश शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा

NFO Alert: यह फंड 1 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल जाएगा। 3 महीने से पहले रिडम्पशन पर एग्जिट लोग लगेगा

Last Updated- September 29, 2025 | 5:45 PM IST
NFO Alert

Motilal Oswal Consumption Fund: मोतीलाल ओसवाल म्युचुअल फंड ने सोमवार को मोतीलाल ओसवाल कंजंप्शन फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। यह ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम भारत की कई दशकों से जारी खपत वृद्धि (consumption growth) को ध्यान में रखते हुए, उसका लाभ उठाने कि लिए डिजाइन की गई है। फंड हाउस के मुताबिक, अब लोग धीरे-धीरे लक्जरी और डिस्क्रिशनरी खर्च (luxury & discretionary spending) पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं। यह न्यू फंड ऑफर (NFO) 1 अक्टूबर 2025 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। निवेशक 15 अक्टूबर, 2025 तक इस नए फंड में पैसा लगा सकते हैं। यह फंड QGLP (क्वालिटी, ग्रोथ, लंबी अवधि और प्राइस) इन्वेस्टिंग फ्रेमवर्क पर चलेगा।

Motilal Oswal Consumption Fund की डिटेल

फंड का नाम – मोतीलाल ओसवाल कंजंप्शन फंड

फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी थीमैटिक फंड

NFO ओपन डेट – 1 अक्टूबर, 2025

NFO क्लोजिंग डेट – 15 अक्टूबर, 2025

मिनिमम लंपसम निवेश – 500 रुपये

लॉक इन पीरियड- कुछ नहीं

एग्जिट लोड: 3 महीने से पहले निवेश भुनाने पर 1% का एग्जिट लोड देना होगा

बेंचमार्क: NIFTY India Consumption TRI

रिस्क लेवल: बहुत अधिक

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GDP में कंजंप्शन का हिस्सा 60% से ज्यादा

फंड हाउस के मुताबिक, भारत में लोगों के खर्च करने के तरीके अब बदल रहे हैं। लोगों की आय बढ़ रही है, शहरों में तेजी से लोग बस रहे हैं और सरकारी नीतियों से अर्थव्यवस्था अधिक संगठित हो रही है। इससे पूरे देश में एक बड़ा और साझा बाजार बन रहा है। जब दुनिया भर के बाजार अस्थिर हैं, भारत एक अच्छा और सुरक्षित निवेश का मौका देता है। दुनिया का सबसे बड़ा और युवा कार्यबल (workforce) वाला देश होने के कारण भारत को अन्य उम्रदराज देशों की तुलना में फायदा मिलता है। इसका मतलब है कि यहां बड़ी और लगातार बदलती हुई उपभोक्ता संख्या है।

भारत में उपभोग पहले ही GDP का 60% से ज्यादा हिस्सा बनाता है और यह घरेलू अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है। अब लोग सिर्फ जरूरी चीजों पर नहीं बल्कि लक्जरी, डिस्क्रिशनरी और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर भी खर्च कर रहे हैं।

ग्राहक अब गाड़ियों, रिटेल, फाइनेंशियल सर्विसेज, ड्यूरेबल्स और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स जैसी कैटेगरी में क्वालिटी, ब्रांड और बेहतर अनुभव को ज्यादा महत्व देने लगे हैं। यह बड़े बदलाव आने वाले समय में भारत की लंबे समय तक चलने वाली कंजंप्शन ग्रोथ को मजबूती देंगे।

फंड कहां करेगा निवेश?

मोतीलाल ओसवाल म्युचुअल फंड ने बताया कि यह फंड कंजंप्शन थीम के हाई-ग्रोथ सेक्टर्स पर ध्यान देगा। इसमें ऑर्गनाइज्ड रिटेल, डिजिटल सर्विसेज (जो कंजंप्शन को बढ़ावा देती हैं), फाइनेंशियल सर्विसेज (जो इस ग्रोथ को फाइनेंस करती हैं) और ड्यूरेबल्स व अपैरल्स से जुड़े कुछ सेगमेंट शामिल होंगे।

हाल ही में जीएसटी दरों में कटौती के कारण इन सेक्टर्स में काम करने वाली कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद की जा रही है। यह फंड्स इस थीम से जुड़े कंपनियों के शेयरों और दूसरे इक्विटी रिलेटेड इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर लॉन्ग टर्म में कैपिटल ग्रोथ हासिल करने की कोशिश करेगा।

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भारत की बदलती कंजंप्शन थीम पर फोकस

मोतीलाल ओसवाल एएमसी के एमडी और सीईओ प्रतीक अग्रवाल ने कहा, “मोतीलाल ओसवाल कंजंप्शन फंड भारत की बदलती खपत थीम पर फोकस करने के लिए लाया गया है। देश में खपत का पैटर्न अब सिर्फ बुनियादी जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि अपर मिडल क्लास की बढ़ती मांग और उनके लिए उपलब्ध उत्पादों व सेवाओं की बढ़ते रेंज को भी दर्शाता है। हमारे QGLP इन्वेस्टिंग फ्रेमवर्क के जरिए हम ऐसे क्वालिटी बिजनेस में हाई-कन्विक्शन पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं, जो हमें लगता है कि इन लंबे समय तक चलने वाले स्ट्रक्चरल बदलावों से सबसे ज्यादा लाभ उठा सकेंगे।”

कौन मैनेज करेगा फंड?

यह फंड अनुभवी विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा मैनेज किया जाएगा। इक्विटी कंपोनेंट की जिम्मेदारी निकेत शाह (चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर और फंड मैनेजर), वरुण शर्मा (फंड मैनेजर) और भालचंद्र शिंदे (एसोसिएट फंड मैनेजर) संभालेंगे। वहीं, डेट कंपोनेंट का प्रबंधन राकेश शेट्टी करेंगे और ओवरसीज कंपोनेंट की जिम्मेदारी सुनील सावंत के पास होगी।

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कंजम्पशन फंड में किसे करना चाहिए निवेश?

कंजम्पशन फंड लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बेहतर माने जाते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो पांच साल या उससे ज्यादा समय तक निवेश करना चाहते हैं। हाल ही में जीएसटी दरों में बड़ी कटौती से कंजम्प्शन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इस थीम पर निवेशकों की रुचि भी बढ़ गई है। ऐसे माहौल में यह फंड निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।


(डिस्क्लेमर: यहां NFO की जानकारी दी गई है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published - September 29, 2025 | 5:34 PM IST

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