facebookmetapixel
Advertisement
ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड की एंट्री फिर टली, निवेशकों की बढ़ी चिंतागिफ्ट सिटी में ग्लोबल शेयरों की ट्रेडिंग हुई दोगुनी, पहली तिमाही में ₹1.93 अरब डॉलर पहुंचा ट्रेडभारत का R&D खर्च बढ़ा, लेकिन GDP के मुकाबले हिस्सेदारी सिर्फ 0.84%; चीन और ब्राजील से पीछेइलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार ने बनाया नया रिकॉर्ड, 7 महीनों में 10 लाख से ज्यादा EV बिके; TVS सबसे आगेPM मोदी की पोस्ट ब्लॉक होने पर बढ़ा विवाद, मेटा की ग्लोबल टीम से एल्गोरिदम पर होगी सख्त पूछताछकैबिनेट के बड़े फैसले: ‘पीएम सूर्य सरोवर’ योजना मंजूर, पीएम-किसान और खेलो इंडिया को 5 साल का विस्तारसरकार ने ‘समुद्र मंथन’ योजना को दी हरी झंडी, गहरे सागर में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,084 करोड़ मंजूरIMD के अलर्ट से बढ़ी चिंता, मॉनसून के दूसरे चरण और अगस्त महीने में सामान्य से कम होगी बारिशबजाज फिनसर्व के Q1 नतीजे मजबूत, मुनाफा बढ़कर ₹6,297 करोड़ पहुंचा, एयूएम में भी बढ़ोतरीओडिशा में 5,600 मेगावॉट क्षमता के दो परमाणु संयंत्र लगाएगा अदाणी समूह, ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव

बाजार की हाल की तेजी में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बाजार में मचाई धूम, लार्जकैप से बेहतर प्रदर्शन

Advertisement

हालिया भूराजनीतिक तनाव के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में 16-18% की तेजी

Last Updated- April 28, 2025 | 11:22 PM IST
Share Market

आंकड़ों से पता चला है कि बाजार में हाल की तेजी में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने अपने लार्जकैप प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। यह तब है जब बाजारों को भारत और पाकिस्तान के बीच ताजा भूराजनीतिक तनाव से जूझना पड़ रहा है। टैरिफ के डर के कारण निफ्टी-50 सूचकांक 7 अप्रैल, 2025 के 21,744 के स्तर तक गिर गया था जो 28 अप्रैल यानी तीन हफ्ते में करीब 12 प्रतिशत (24,328 के स्तर) चढ़ गया है। एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में इस दौरान 16 प्रतिशत और 18.4 फीसदी से अधिक की तेजी आई।

विश्लेषकों के अनुसार बाजार में तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति के भारी भरकम टैरिफ को लागू करने में देरी की वजह से आई। हाल में पहलगाम में नागरिकों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए भूराजनीतिक तनाव को भी बाजार ने गंभीरता से लिया है।

स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा का कहना है कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंटों ने जवाबी शुल्क पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद से अच्छा प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि आमतौर पर बाजार की तेजी में मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट हमेशा बेहतर प्रदर्शन करते हैं क्योंकि उन्हें रिटेल निवेशक ज्यादा पसंद करते हैं।

बालिगा का मानना है, ‘भारत और पाकिस्तान के बीच भूराजनीतिक तनाव की वजह से अल्पावधि से मध्यावधि में बाजार में लगातार ज्यादा तेजी के आसार नहीं दिखते हैं। हालांकि ट्रंप के टैरिफ का डर अब पीछे छूट गया है, लेकिन बाजारों पर भूराजनीतिक चिंताओं का बुरा असर दिखना बाकी है। हालात के हिसाब से निवेशकों को तेजी में बिकवाली करनी चाहिए, लेकिन अपने पोर्टफोलियो को पूरी तरह खाली नहीं करना चाहिए। उनके लिए फिलहाल नकदी हाथ में रखना जरूरी है।’

अच्छी तेजी वाले शेयर

एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि एनएसई पर मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंटों में कुछ खास शेयरों, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, वारी एनर्जीज, डेटा पैटर्न्स, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया, देवयानी इंटरनैशनल, एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक और केफिन टेक्नोलॉजीज में इस दौरान 20 फीसदी से ज्यादा तेजी आई।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख जी चोक्कालिंगम के अनुसार भारतीय शेयर बाजार में अल्पावधि में सुधार बरकरार रहेगा। उन्होंने निवेशकों को जोखिम कम करने के लिए घरेलू मांग से चलने वाले शेयरों पर ध्यान देने का सुझाव दिया है।

उन्होंने कहा, ‘ज्यादा सतर्क निवेशक 50 प्रतिशत निवेश लार्जकैप (टॉप-100) शेयरों में रख सकते हैं, क्योंकि बाजार में दबाव की किसी भी संभावित स्थिति में घरेलू संस्थान लार्जकैप शेयरों पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे। जो लोग जोखिम उठाने में सक्षम हैं, वे संभावित संपत्ति सृजन के लिए घरेलू मांग पर ध्यान देते हुए गुणवत्ता वाले स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में 60 से 70 प्रतिशत निवेश कर सकते हैं।’

ऐंजल वन में शोध प्रमुख (टेक्नीकल एवं डेरिवेटिव) समीत चव्हाण ने कहा कि तकनीकी मोर्चे पर, निफ्टी ने चार्ट पर मजबूत तेजी की पुष्टि की है क्योंकि यह फरवरी-मार्च के ऊंचे स्तर को पार कर गया है। अग भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है या निफ्टी का 23,900 – 23,800 का समर्थन टूट जाता है, तो 23,500-23,300 के स्तर की ओर बड़ी गिरावट की आशंका है।

Advertisement
First Published - April 28, 2025 | 11:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement