facebookmetapixel
Advertisement
यूजर्स के लिए UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त, फिर कैसे चलता है सिस्टम? ‘जीरो फीस’ मॉडल का पूरा गणितमल्टीबैगर स्टॉक फिर करेगा धमाका! नतीजों के बाद अशोक लेलैंड पर 40% अपसाइड का टारगेट; ब्रोकरेजेज ने क्यों जताया भरोसा?FMCG कंपनियों ने सिर्फ 30% लागत ग्राहकों पर डाली, आगे और महंगे हो सकते हैं रोजमर्रा के सामानमोलबायो डायग्नोस्टिक्स IPO की धमाकेदार लिस्टिंग! ₹807 वाला शेयर ₹980 पर खुला, निवेशकों को मिला 21% का फायदाधूत ट्रांसमिशन IPO की 38% प्रीमियम पर लिस्टिंग, हर लॉट पर ₹5600 का मुनाफा, Hold करें या बेच दें?होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स आईपीओ आज से खुला, ₹2600 जुटाने का प्लान, निवेश करें या छोड़ दें?फेड से राहत की उम्मीद ने बढ़ाई सोने-चांदी की चमक, MCX पर दोनों के भाव चढ़ेसरकारी बैंकों के लिए सुधारों का नया खाका, ‘विकसित भारत’ के बैंकिंग रोडमैप पर होगा मंथनL&T का बड़ा डिफेंस प्लान! रडार से लेजर हथियार तक बढ़ाएगी ताकत, इलेक्ट्रॉनिक्स में ₹5,000 करोड़ निवेश की तैयारीFY27 की पहली तिमाही में बुकिंग घटी, DLF की बिक्री 94% लुढ़की; जानिए किस कंपनी ने मारी बाजी

निवेशक लुटे या बाजार थमा? ₹7.5 लाख करोड़ डालने के बाद भी क्यों मिला 0% रिटर्न

Advertisement

कोटक सिक्योरिटीज का अनुमान - 2027 तक कंपनियों की कमाई में आएगी मजबूती, बैंक-एनबीएफसी और ऑटो सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा

Last Updated- September 17, 2025 | 2:45 PM IST
Kotak Securities

पिछले एक साल में भारतीय शेयर बाजार में घरेलू निवेशकों (DII) से लगभग 90 अरब डॉलर (करीब ₹7.5 लाख करोड़) का पैसा आया है। इसके बावजूद निफ्टी और सेंसेक्स जैसे बड़े इंडेक्स जगह पर ही खड़े हैं, यानी सितंबर 2024 से अब तक निवेशकों को 0% रिटर्न मिला है।

छोटे और मिडकैप भी नीचे

कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 12 महीनों में सिर्फ बड़े इंडेक्स ही नहीं, बल्कि स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयर भी सितंबर 2024 के मुकाबले नीचे हैं। यानी निवेशकों की उम्मीद और बाजार में पैसा आने के बावजूद शेयर बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

क्यों नहीं चढ़ा बाजार?

रिपोर्ट में कहा गया कि बाजार को सहारा देने वाले कई कारक मौजूद थे – जैसे रिटेल निवेशकों का उत्साह, रुपये की कमजोरी, जीएसटी सुधार, टैक्स कटौती और सरकार की आर्थिक नीतियां। फिर भी निफ्टी और सेंसेक्स में कोई बड़ी तेजी नहीं आई।

कोटक सिक्योरिटीज का कहना है कि अगर रुपया मजबूत होता तो बाजार का प्रदर्शन और भी खराब दिखता। डॉलर के हिसाब से देखें तो भारतीय बाजार ने और भी कमज़ोर रिटर्न दिया है।

यह भी पढ़ें: हैवीवेट PSU Bank पर मोतीलाल ओसवाल बुलिश, BUY रेटिंग के साथ 20% अपसाइड का दिया टारगेट

असल वजह – महंगे शेयर

कोटक के विश्लेषकों का मानना है कि बाजार न चलने की सबसे बड़ी वजह ज्यादा वैल्यूएशन (महंगे शेयर) हैं। पिछले साल कई कंपनियों की कमाई (Earnings) कम हुई या उनके अनुमान घटाए गए। इसके बावजूद शेयर की कीमतें ऊंची बनी रहीं।

निफ्टी-50 फिलहाल 23.1 पी/ई (P/E) रेशियो पर ट्रेड कर रहा है। यह 5 साल के औसत (24.5) और 10 साल के औसत (23.4) से थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी निवेशकों के लिए महंगा माना जा रहा है।

इस साल अब तक क्या हाल है?

2025 की शुरुआत से अब तक निफ्टी 7% और सेंसेक्स 5.8% चढ़े हैं। ऑटो सेक्टर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में रहा है, जिसे जीएसटी में राहत और टैक्स कट से फायदा मिला। वहीं, आईटी सेक्टर अब भी कमजोर बना हुआ है।

यह भी पढ़ें: इन 12 सेक्टर्स में बनेगा पैसा! SBICAPS Securities के सनी अग्रवाल ने बताए हॉट पिक्स

आगे क्या होगा?

  • कोटक सिक्योरिटीज का अनुमान है कि आने वाले कुछ तिमाहियों में कंपनियों की कमाई धीरे-धीरे सुधरेगी और 2027 तक मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी।
  • बैंक और एनबीएफसी की कमाई अगले साल बेहतर हो सकती है, क्योंकि लोन ग्रोथ बढ़ेगी और खराब कर्ज (NPA) का दबाव घटेगा।
  • ऑटोमोबाइल और खपत वाले सेक्टर को जीएसटी कट का फायदा मिल सकता है।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश सेक्टर की ग्रोथ सीमित रह सकती है, क्योंकि कैपेक्स और मांग अब भी कमजोर है।
  • आईटी सेक्टर की कमाई हल्की बढ़त दिखा सकती है, लेकिन मांग सुस्त बनी रहेगी।

कुल मिलाकर, कोटक सिक्योरिटीज का कहना है कि सिर्फ पैसों का प्रवाह (Inflows) ही बाजार को ऊपर नहीं ले जा सकता। निवेशकों को यह समझना होगा कि असली सहारा कंपनियों की कमाई और मजबूत बुनियादी फैक्टर्स (Fundamentals) हैं।

Advertisement
First Published - September 17, 2025 | 2:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement