वैश्विक स्तर पर तनाव और अमेरिकी शुल्क बढ़ने की चिंताओं के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज एवं एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली से मंगलवार को शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन गिरकर बंद हुए। सेंसेक्स में 376 अंक की गिरावट आई जबकि निफ्टी करीब 72 अंक फिसल गया। विश्लेषकों के मुताबिक, एशियाई बाजारों के मजबूत रुख के बावजूद भारत पर शुल्क बढ़ाने की अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नई चेतावनी से निवेशकों ने सतर्कता बरती।
बीएसई सेंसेक्स 376.28 अंक यानी 0.44 फीसदी टूटकर 85,063.34 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 539.52 अंक तक लुढ़ककर 84,900.10 अंक पर आ गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 71.60 अंक यानी 0.27 फीसदी गिरकर 26,178.70 अंक पर टिका। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से टाटा समूह की कंपनी ट्रेंट के शेयर में 8.62 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर तिमाही में कंपनी की राजस्व वृद्धि के आंकड़े निवेशकों को उत्साहित करने में नाकाम रहे हैं।
वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4.42 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एचडीएफसी बैंक भी नुकसान में रहे। हालांकि, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, रिलायंस और एचडीएफसी जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से घरेलू बाजार में गिरावट रही। वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से उपजी अनिश्चितता और रूसी तेल आयात के मुद्दे ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इसके अलावा तिमाही नतीजों का सिलसिला शुरू होने को लेकर भी सतर्कता है।
बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.39 फीसदी गिरा जबकि मिडकैप सूचकांक में 0.24 फीसदी की सुस्ती रही। क्षेत्रवार सूचकांकों में ऊर्जा खंड में सर्वाधिक 1.71 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई जबकि तेल एवं गैस खंड को 1.22 फीसदी, सेवा खंड को 1.07 फीसदी का नुकसान हुआ।
दूसरी तरफ, स्वास्थ्य देखभाल खंड ने 1.38 फीसदी की छलांग लगाई जबकि पीएसयू बैंक खंड में 0.52 फीसदी और टिकाऊ उपभोक्ता खंड में 0.43 फीसदी की तेजी रही।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, मिले-जुले वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम के बीच बाजार धारणा सतर्क बनी रही। हाल में तेजी से चढ़ने वाले कुछ दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली होने से बाजार की रफ्तार पर विराम लगा।
बाजार पर दबाव का एक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान भी रहा। उन्होंने कहा है कि भारत द्वारा रूस से तेल खरीद जारी रखने से वह खुश नहीं हैं और अमेरिका भारत पर शुल्क को ‘बहुत जल्द’ बढ़ा सकता है।
इस बीच, एक सर्वेक्षण ने दिसंबर में देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर धीमी पड़ने की बात कही गई है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज का खरीद प्रबंध सूचकांक नवंबर के 59.8 से घटकर दिसंबर में 58.0 रह गया, जो 11 महीनों का सबसे निचला स्तर है। इस तरह कारोबारी भरोसा करीब साढ़े तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्केई, चीन का शांघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग का शेयर सूचकांक हैंग सेंग मजबूती के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जबकि अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.28 फीसदी चढ़कर 61.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।