facebookmetapixel
Advertisement
लोन रिकवरी पर RBI सख्त, रात में कॉल और परिवार पर दबाव नहीं बना सकेंगे एजेंटमहंगाई बढ़ी तो रीपो रेट में हो सकता है इजाफा, RBI MPC के सदस्यों ने दिए संकेतक्लोजिंग ऑक्शन सेशन में हेरफेर पकड़ना आसान, छेड़छाड़ करने वालों पर होगी कार्रवाई: सेबी चीफसितंबर से महंगी होंगी हुंडई की कारें, कीमतों में 1% तक बढ़ोतरी का ऐलानत्योहारी सीजन से पहले महंगी होगी प्याज? बारिश और कम सप्लाई ने बढ़ाई टेंशनबैलेंस्ड हाइब्रिड फंड: 40-60 का इक्विटी-डेट फॉर्मूला, किसके लिए सही है ये फंड? निवेश से पहले समझें पूरा गणितवेदांता का ग्रीन एनर्जी पर फोकस बढ़ा, कार्बन उत्सर्जन घटाने में 1 अरब डॉलर से ज्यादा निवेशबिहार को ₹3590 करोड़ सौगात, पीएम गतिशक्ति से मजबूत होगी मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा कनेक्टिविटीलिकर सेक्टर करेगा कमाल! ब्रोकरेज को पसंद ये 3 शेयर, UK FTA समेत इन ट्रिगर्स से मिलेगा फायदाअंतरराष्ट्रीय टैक्स मामलों में स्पष्टता लाएगा आयकर विभाग, घटेगी अनिश्चितता

विदेशी निवेशकों की वापसी! भारतीय बाजार में अक्टूबर में डाले 6,480 करोड़ रुपये

Advertisement

FPI Data: ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक अक्टूबर में एफपीआई ने भारतीय इक्विटी बाज़ार में 6,480 करोड़ रुपये निवेश किए हैं।

Last Updated- October 19, 2025 | 1:09 PM IST
FPI
Representative Image

FPI Data: लगातार तीन महीनों तक भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अक्टूबर में एक बार फिर खरीदारी की शुरुआत की है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक अक्टूबर में एफपीआई ने भारतीय इक्विटी बाज़ार में 6,480 करोड़ रुपये निवेश किए हैं।

इससे पहले सितंबर में 23,885 करोड़ रुपये, अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली देखने को मिली थी।

क्यों लौटी एफपीआई की दिलचस्पी?

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मजबूत मैक्रो इकॉनमी, स्थिर जीडीपी ग्रोथ, नियंत्रित महंगाई और घरेलू मांग ने भारत को अन्य उभरते बाजारों की तुलना में बेहतर स्थिति में रखा है।

  • मोर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के हिमांशु श्रीवास्तव के अनुसार, वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कमी या स्थिरता की उम्मीद ने निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ाया है।

  • जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी.के. विजयकुमार का कहना है कि भारत और अन्य बाजारों के वैल्यूएशन में कम अंतर आने से एफपीआई को यहां खरीदारी का बेहतर मौका दिखा है।

  • एंजेल वन के वकारी जावेद खान ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव कम होने तथा पिछले महीनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर अपेक्षाकृत सस्ते हो गए थे।

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एफपीआई का रुख आगामी तिमाही नतीजों और वैश्विक व्यापारिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा।

हालांकि अक्टूबर में inflow देखने को मिला है, लेकिन साल 2025 की शुरुआत से अब तक एफपीआई कुल मिलाकर करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।

डेट मार्केट में भी निवेश

शेयर बाजार के साथ-साथ एफपीआई ने बांड बाजार में भी रुचि दिखाई है। अक्टूबर के पहले 17 दिनों में उन्होंने जनरल लिमिट के तहत 5,332 करोड़ रुपये और वॉलंटरी रिटेंशन रूट से 214 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

Advertisement
First Published - October 19, 2025 | 1:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement