facebookmetapixel
स्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोर

SEBI के नए नियमों से F&O लिस्ट में 35 नई कंपनियों की एंट्री, 26 होंगी बाहर

एफऐंडओ की पात्रता शर्तों में पिछली बार 2018 में संशोधन हुआ था और यह सूची पिछले दो साल से चली आ रही है।

Last Updated- July 15, 2024 | 10:53 PM IST
Adani bribery case: Adani Group on SEBI's radar, may investigate violation of disclosure rules SEBI की रडार पर अदाणी ग्रुप, डिस्क्लोजर नियमों के उल्लंघन की कर सकती है जांच

बाजार नियामक सेबी के विश्लेषण के मुताबिक डेरिवेटिव की पात्रता के लिए शेयरों के नए नियमों से सूची में मौजूदा 182 शेयरों की संख्या बढ़कर 191 तक पहुंच सकती है। सेबी ने एक नोट में कहा कि इस संशोधन से वायदा एवं विकल्प (एफऐंडओ) से 26 शेयर बाहर निकल सकते हैं जबकि 35 शामिल हो सकते हैं। लेकिन इससे बेंचमार्क सूचकांकों निफ्टी-50 व सेंसेक्स के शेयरों में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। इन सूचकांकों का हिस्सा बनने के लिए उन्हीं शेयरों को चुना जा सकता है जो एफऐंडओ के पात्र होते हैं।

एफऐंडओ की पात्रता शर्तों में पिछली बार 2018 में संशोधन हुआ था और यह सूची पिछले दो साल से चली आ रही है। सेबी का विश्लेषण मई के आंकड़ों पर आधारित है। सेबी का फैसला हालांकि अधिसूचना जारी होने के बाद लागू होगा लेकिन नियामक ने पहले कहा था कि ये बदलाव इस बारे में परिपत्र जारी होने के तीन महीने बाद लागू होंगे।

जून की बोर्ड बैठक में नियामक ने पात्रता मानकों में संशोधन को मंजूरी दी थी। इसके तहत कथित मार्केट वाइड पोजीशन, मीडियन क्वार्टर सिग्मा ऑर्डर साइज और नकदी बाजार में रोजाना औसत डिलिवरी वैल्यू की ज्यादा लिमिट रखी गई है। नियामक की योजना इंडेक्स डेरिवेटिव की तरह स्टॉक डेरिवेटिव के लिए प्रॉडक्ट सक्सेस फ्रेमवर्क शुरू करने की भी है।

स्टॉक डेरिवेटिव के लिए प्रॉडक्ट सक्सेस फ्रेमवर्क से पर्याप्त टर्नओवर, ओपन इंटरेस्ट और ज्यादा ब्रोकरों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित होगी। परामर्श प्रक्रिया में सेबी को एकल शेयरों के लिए प्रॉडक्ट सक्सेस फ्रेमवर्क के खिलाफ ज्यादा टिप्पणी मिली थी और बाजार के भागीदारों ने इस प्रस्ताव को हलका बनाने का अनुरोध किया था।

First Published - July 15, 2024 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट