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पहली तिमाही के मिश्रित प्रदर्शन के बावजूद वित्त वर्ष में सीमेंट में रहेगी मजबूती

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वित्त वर्ष 2023 के लिए, सीमेंट क्षेत्र ने 11.8 प्रतिशत की बिक्री वृद्धि दर्ज की और प्रा​प्तियों में 5 प्रतिशत का इजाफा हुआ

Last Updated- August 27, 2023 | 11:23 PM IST
Cement sector companies q3 results

सीमेंट कंपनियों ने वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में मिश्रित आंकड़े दर्ज किए। बिक्री वृद्धि 15 सीमेंट कंपनियों के लिए सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़ी और राजस्व में 15 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। समेकित एबिटा सालाना आधार पर 8.8 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 1.2 प्रतिशत बढ़ा।

हालांकि कुछ नकारात्मक कारक भी दिखे, क्योंकि प्रा​प्तियों में कमी आई और प्रति टन एबिटा अनुमान से कम रहने के साथ परिचालन लागत ऊंची बनी रही। प्रा​प्तियां सालाना आधार पर 2.7 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 0.3 प्रतिशत घट गईं तथा परिचालन लागत में तिमाही आधार पर सिर्फ 1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। प्रति टन एबिटा 890 रुपये पर रहा, जो वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में 867 रुपये था।

खर्च के मामले में भी निराशा देखने को मिली। कोयला और पेटकोक की घटती कीमतों की वजह से लागत में 100-150 रुपये प्रति टन तक की कमी आने की उम्मीद की गई थी, लेकिन वास्तविक कमी 35 रुपये प्रति टन पर रही। प्रबंधन के अनुमान से संकेत मिला है कि महंगी इन्वेंट्री के संपूर्ण समापन की वजह से वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में लागत में और कमी आएगी। ईंधन और पेटकोक लागत भी वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में नीचे बनी रह सकती है।

सीमेंट कीमतें काफी हद तक ​स्थिर हैं और द​क्षिण क्षेत्र ने गिरावट दर्ज की, जबकि उत्तर क्षेत्र में इनकी कीमतों में कुछ तेजी आई। हालांकि कंपनियों का प्रबंधन मांग वृद्धि पर आशान्वित बना हुआ है, लेकिन उनका मानना है कि मूल्य निर्धारण ​स्थिर रह सकता है या बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से इसमें कुछ कमजोरी आ सकती है। कई कंपनियों द्वारा नियोजित विस्तार के अलावा, अंबुजा सीमेंट्स ने सांघी इंडस्ट्रीज में 5,000 करोड़ रुपये में 56.74 प्रतिशत ​हिस्सेदारी खरीदी। इस सौदे से 61 लाख टन की मौजूदा सीमेंट क्षमता के लिए 100 रुपये प्रति टन के मूल्यांकन का संकेत मिलता है।

वित्त वर्ष 2023 के लिए, सीमेंट क्षेत्र ने 11.8 प्रतिशत की बिक्री वृद्धि दर्ज की और प्रा​प्तियों में 5 प्रतिशत का इजाफा हुआ। हालांकि परिचालन लागत में 13.3 प्रतिशत वृद्धि से प्रति टन एबिटा घटकर वित्त वर्ष 2023 में 783 रुपये रह गया, जो वित्त वर्ष 2022 में 1,087 रुपये था।

दो अंक की मांग वृद्धि की उम्मीद के साथ वित्त वर्ष 2024 के ​लिए मांग परिदृश्य आशाजनक है, क्योंकि कंपनियों को सरकारी खर्च बढ़ने से मदद मिलेगी। विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2024 की बिक्री में 14 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है। हालांकि पूरे उद्योग में तेज पूंजीगत खर्च का मतलब है कि आपूर्ति में भी इजाफा होगा जिससे संभवत: कीमत प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

इसके विपरीत, ज्यादातर क्षमता वृद्धि सिर्फ वित्त वर्ष 2025 में ही संभव होगी और यह खासकर शीर्ष 6 कंपनियों द्वारा जोड़ी जाएगी जिससे संपूर्ण मूल्य निर्धारण प्रभाव सीमित हो सकता है। यदि लागत में कटौती पर सफलतापूर्वक अमल होता है तो प्रति टन औसत एबिटा वित्त वर्ष 2024 में 970 रुपये पर अनुमानित है। विस्तार योजनाओं के साथ अल्ट्राटेक लगातार इस क्षेत्र की दिग्गज बनी हुई है। कुछ विश्लेषक जेके सीमेंट को पसंद कर रहे हैं, क्योंकि यह कंपनी बिक्री वृद्धि और प्रति टन एबिटा बढ़ाने में सफल रह सकती है।

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First Published - August 27, 2023 | 11:23 PM IST

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