facebookmetapixel
Q3 Results: फेडरल बैंक का मुनाफा 9% बढ़कर ₹1,041 करोड़ पर पहुंचा, आय और मार्जिन में भी सुधारबॉन्ड डेरिवेटिव पर सेबी व आरबीआई कर रहे काम, बाजार में तरलता बढ़ाने पर जोरQ3 Results: JIO, टाटा टेक, JSW से लेकर टेक महिंद्रा तक, किस कंपनी ने कितना कमाया?FPIs को बड़ी राहत: सेबी ने नकद बाजार में उसी दिन नेट सेटलमेंट का प्रस्ताव रखाशहरी भारत में किफायती आवास संकट: नीति आयोग के सुझाव समाधान हैं या आधा-अधूरा इलाज?ऑपरेशन पवन और आईपीकेएफ: क्या अब मिलेगा भारतीय शांति सेना के बलिदान को आधिकारिक सम्मान?क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने वाकई वह बदलाव लाया, जिसके लिए उन्हें शुरू किया गया था?Budget 2026 में Cryptocurrency को लेकर क्या बदलाव होने चाहिए?Stock Market: IT शेयरों की तेजी से सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में, बढ़त रही सीमितJio Q3 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 11.3% बढ़कर ₹7,629 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू में भी जबरदस्त बढ़त

भारत को विकसित बाजार का दर्जा मिलने में देरी

एमएससीआई अगस्त 2024 की समीक्षा में पुनर्वर्गीकरण पर विचार करेगा

Last Updated- November 06, 2023 | 10:34 PM IST
Share Market

शॉर्ट-सेलिंग पर दक्षिण कोरिया की पाबंदी के चलते वैश्विक सूचकांक प्रदाता की तरफ से भारत को अपग्रेड कर विकसित बाजार का दर्जा दिए जाने में देर हो सकती है। ऐसा विश्लेषकों का मानना है। सोमवार से दक्षिण कोरिया जून 2024 तक शेयरों की शॉर्ट सेलिंग पर पाबंदी रखेगा ताकि उसके नियामक नियमों और व्यवस्था में सक्रियता से सुधार कर सके।

एमएससीआई सूचकांकों में भारत, चीन व ताइवान के साथ दक्षिण कोरिया अभी उभरते बाजारों के तौर पर शामिल हैं। जून में समीक्षा के दौरान वैश्विक सूचकांक प्रदाता ने उभरते बाजार का दर्जा बरकरार रखा था जबकि दक्षिण पूर्वी एशियाई देश ने अपने बाजार में आसान पहुंच के लिए सुधार किया था। तब एमएससीआई ने कहा था कि वह दक्षिण कोरिया के पुनर्वर्गीकरण पर क्लाइंटों से चर्चा के बाद फिर से विचार करेगा कि दक्षिण कोरिया के सुधार वाले कदमों से कितनी मदद मिली है।

नुवामा ऑल्टरनेटिव ऐंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के नोट में कहा गया है कि लगातार ऐसे नियामकीय हस्तक्षेप से एमएससीआई इंडेक्स में दक्षिण कोरिया का उभरते बाजार से विकसित बाजार का दर्जा पाना अगस्त 2024 की आगामी समीक्षा में मु​श्किल हो सकता है।

नोट में कहा गया है, अगर कोरिया को विकसित बाजार का दर्जा मिलता है तो उभरते बाजारों में भारत का भारांक काफी बढ़ेगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि चुनाव से पहले क्या सरकार ज्यादा लोकप्रिय नियम लागू कर सकती है और ऐसे में एमएससीआई अल्पावधि में अपग्रेड पर शायद विचार नहीं कर सकता है।

एक अनुमान के मुताबिक, अगर दक्षिण कोरिया उभरते बाजार के सूचकांकों से बाहर होता है तो भारत को पैसिव ट्रैकरों की तरफ से 20 अरब डॉलर के निवेश का लाभ मिल सकता है।

अक्टूबर 2023 के आखिर में चीन का एमएससीआई ईएम इंडेक्स में सबसे ज्यादा 29.89 फीसदी भारांक था, जिसके बाद भारत का भारांक 15.88 फीसदी था। अभी दक्षिण कोरिया का भारांक 11.78 फीसदी है, जो तीसरा सबसे बड़ा भारांक है।

First Published - November 6, 2023 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट