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Bitcoin ने बनाया नया माइलस्टोन, 1 लाख डॉलर के पार निकला, क्या भारतीयों को अब क्रिप्टो में निवेश करना चाहिए?

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बिटकॉइन में तेजी राजनीतिक घटनाक्रमों, संस्थागत निवेश और बदलते वैश्विक नियमों का परिणाम है।

Last Updated- December 05, 2024 | 7:48 PM IST
Bitcoin

बिटकॉइन ने पहली बार 1 लाख डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है। बिटकॉइन में तेजी राजनीतिक घटनाक्रमों, संस्थागत निवेश और बदलते वैश्विक नियमों का परिणाम है। विशेषज्ञ इस मील के पत्थर का श्रेय कई कारकों को देते हैं, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में फिर से चुना जाना शामिल हैं। ट्रंप की छवि एक क्रिप्टो-समर्थक की है। मुड्रेक्स के सीईओ और को-फाउंडर, एडुल पटेल ने कहा कि ट्रंप द्वारा पॉल एटकिंस को SEC अध्यक्ष के रूप में नामित करना एक प्रमुख प्रेरक कारक था।

पटेल ने कहा, “ट्रंप ने शायद क्रिप्टो उद्योग के लिए अपना सबसे महत्वपूर्ण चुनावी वादा पूरा किया है, जिससे उनके प्रशासन पर विश्वास मजबूत हुआ है, जो अन्य वादों को पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है, जैसे कि व्हाइट हाउस में एक समर्पित क्रिप्टो नीति भूमिका और एक स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व का निर्माण करना।”

कॉइनस्विच के बिजनेस हेड बालाजी श्रीहरि ने कहा कि ट्रंप की नीतियों ने संस्थागत निवेश के साथ मिलकर क्रिप्टों में तेजी को मजबूत गति दी है। ट्रंप का दूसरी बार चुनाव जीतना क्रिप्टो समुदाय में उत्साह को फिर से जीवित करने का कारण बना है। संस्थागत निवेशों में उल्लेखनीय वृद्धि से भी इसे सहारा मिला है।

ब्लैकरॉक के स्पॉट बीटीसी ईटीएफ ने प्रबंधन के तहत संपत्ति (AUM) में 5,00,000 बीटीसी को पार कर लिया है, जो 48 बिलियन डॉलर के बराबर है। अमेरिका द्वारा क्रिप्टो-समर्थक नीतियों को अपनाने के साथ, अन्य देश भी अनुकूल रूप से आगे बढ़ रहे हैं। चीन ने अब व्यक्तिगत क्रिप्टो स्वामित्व (personal crypto ownership) पर प्रतिबंध हटा दिया है। ब्राजील और रूस जैसे देश बिटकॉइन को रिजर्व के रूप में स्वीकार करने पर विचार कर रहे हैं, जो इसकी बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका का संकेत है।”

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क्या भारतीयों को बिटकॉइन में निवेश करना चाहिए?

भारतीय निवेशक अब बिटकॉइन को संपत्ति निर्माण का एक व्यावसायिक विकल्प मान रहे हैं। कोइनपार्क के सीईओ थंगापंडी दुरई ने कहा, “बिटकॉइन का हाल ही में 101,000 डॉलर के ऊपर जाना एक स्पष्ट मील का पत्थर है। भारतीय निवेशकों के लिए, यह पहचानने का एक प्रमुख अवसर है कि क्रिप्टोकरेंसी में पर्याप्त पूंजी वृद्धि की संभावना है। बिटकॉइन, जिसे अक्सर ‘डिजिटल गोल्ड’ कहा जाता है, महंगाई से बचाव करता है और मूल्य का भंडारण करता है।”

दुरई ने कहा, “अगर किसी ने 2013 में 5 बिटकॉइन खरीदे होते, तो वे आज भारी मुनाफे में होते। उस समय, बिटकॉइन की कीमत लगभग 1,000 डॉलर थी, और अब, यह 101,000 डॉलर को पार कर रही है। जो लोग उस समय बिटकॉइन में विश्वास करते थे, उन्होंने 100 गुना से अधिक रिटर्न कमाया है। यह दिखाता है – जोखिम लाभ को आकर्षित करता है, और साहस को इनाम मिलता है।”

उन्होंने बिटकॉइन के भविष्य के बारे में भी बात की। दुरई ने कहा, “बिटकॉइन अभी अपनी चरम सीमा तक नहीं पहुंचा है। यह 100K डॉलर पर रुकने वाला नहीं है – यह तो बस शुरुआत है। कौन जानता है? यह तो चाँद या मंगल तक भी पहुंच सकता है। बिटकॉइन का भविष्य उज्जवल दिखता है, और जो लोग इसके संभावित विकास में विश्वास करते रहेंगे, उन्हें आने वाले वर्षों में और भी अधिक रिटर्न मिल सकते हैं।”

क्रिप्टों में जोखिम और बाजार में उतार-चढ़ाव

विशेषज्ञ निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते समय सतर्क रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि बाजार और रेगुलेशन दोनों ही मौर्चों पर अनिश्चितता मौजूद है। 1 फाइनेंस के सीनियर क्वांटिटेटिव रिसर्च एनालिस्ट, पूर्वांग मशरू ने सलाह दी, “निवेशकों को उचित रिसर्च करना चाहिए और क्रिप्टोकरेंसी को कुछ महीनों में 50 या 100 गुना रिटर्न का शॉर्टकट न मानें। इस विकसित हो रहे सेक्टर में निवेश करने के लिए एक अनुशासित, लॉन्ग टर्म आउटलुक की जरूरत है।”

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First Published - December 5, 2024 | 7:39 PM IST

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