facebookmetapixel
Economic Survey 2026: AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती बिजली मांग से दुनिया में तांबे की कमी का खतराWorld Gold Demand: सोने की ग्लोबल मांग ने भी बनाया रिकॉर्ड, पहली बार 5,000 टन के पारBudget 2026: क्या घर खरीदना होगा सस्ता? टैक्स छूट व GST कटौती पर रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी उम्मीदेंVedanta Q3FY26 results: मुनाफा 60% बढ़कर ₹7,807 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू भी बढ़ाEconomic Survey 2026: FPI इनफ्लो में बना रहेगा उतार-चढ़ाव, FDI निवेश को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकसRTI कानून की दोबारा हो समीक्षा- इकोनॉमिक सर्वे, संभावित बदलावों के दिये सुझावभारतीय शहरों की सुस्त रफ्तार पर इकोनॉमिक सर्वे की दो टूक: ट्रैफिक और महंगे मकान बन रहे विकास में रोड़ाछोटी गाड़ियों की बिक्री बढ़ने से दौड़ेगा Auto Stock, नए लॉन्च भी देंगे दम; ब्रोकरेज ने कहा – 25% तक रिटर्न संभवसोने-चांदी कब तक नहीं होगा सस्ता? इकोनॉमिक सर्वे ने बतायाEconomic Survey में स्मार्टफोन की लत को बताया ‘बड़ी मुसीबत’, कहा: इससे बच्चों-युवाओं में बढ़ रहा तनाव

Services PMI: भारत की सेवा क्षेत्र में तेजी, नवंबर में PMI 59.8 पर पहुंचा

India Services PMI: नवंबर में भारत की सेवा क्षेत्र ने मजबूत वृद्धि दिखाई, जबकि निर्माण क्षेत्र में गति धीमी रही।

Last Updated- December 03, 2025 | 11:14 AM IST
India Services PMI
Representative Image

Services PMI: भारत की सेवा क्षेत्र ने नवंबर में फिर से तेजी दिखाई है। HSBC इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार, व्यवसाय गतिविधि अक्टूबर में थोड़ी धीमी होने के बाद नवंबर में तेजी से बढ़ी। इस महीने का सीजनली एडजस्टेड PMI 59.8 रहा, जो अक्टूबर के 58.9 से बढ़ा। यह आंकड़ा संकेत देता है कि उत्पादन में “इतिहास में अब तक की तेज़ी” दर्ज की गई है।

PMI में 50 से ऊपर का रीडिंग आर्थिक विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का रीडिंग संकुचन की तरफ इशारा करता है। वहीं 50 का रीडिंग बताता है कि उत्पादन में कोई बदलाव नहीं हुआ।

HSBC के मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा, “नवंबर में भारत की सर्विसेज PMI बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स 58.9 से बढ़कर 59.8 पर पहुंच गई। यह नई मांगों और व्यवसायिक गतिविधियों में मजबूती के कारण हुआ। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बिक्री में आठ महीने का सबसे धीमा विस्तार देखा गया, जिसका कारण विदेशी सेवाओं में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इनपुट प्राइस इंफ्लेशन पिछले लगभग पांच साल और छह महीने में सबसे कम दर्ज की गई, जिससे उत्पादों की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई। रोजगार वृद्धि मामूली रही और ज्यादातर कंपनियों ने अपने स्टाफ में कोई बदलाव नहीं किया। साथ ही, भारत का कंपोजिट PMI 59.7 पर मजबूत बना रहा, लेकिन फैक्ट्री उत्पादन की वृद्धि में थोड़ा मंदा देखा गया।”

निर्माण क्षेत्र में भी बढ़ोतरी, लेकिन धीमी गति से

नवंबर में निर्माण क्षेत्र में वृद्धि धीमी हुई। HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.6 पर रही, जो अक्टूबर के 59.2 से कम है। यह पिछले नौ महीनों में सबसे धीमी सुधार की स्थिति दर्शाता है। नए ऑर्डर और उत्पादन में वृद्धि बनी रही, लेकिन यह भी पिछले नौ महीनों में सबसे कम रही।

First Published - December 3, 2025 | 11:14 AM IST

संबंधित पोस्ट