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Panama Papers: पनामा पेपर्स घोटाले से जुड़े मामलों में नवाज शरीफ के बेटों का गिरफ्तारी वारंट रद्द

वर्ष 2016 के पनामा पेपर्स घोटाले में नाम आने के बाद हसन नवाज और हुसैन नवाज ने 2018 में देश छोड़ दिया था।

Last Updated- March 14, 2024 | 9:22 PM IST
Pakistan: Nawaz Sharif's nomination approved from Lahore seat of National Assembly

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के परिवार को एक बड़ी राहत देते हुए भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने बृहस्पतिवार को उनके दो बेटों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट रद्द कर दिया। वर्ष 2016 के पनामा पेपर्स घोटाले में नाम आने के बाद हसन नवाज और हुसैन नवाज ने 2018 में देश छोड़ दिया था।

उन पर पनामा पेपर्स से संबंधित भ्रष्टाचार के तीन मामलों में आरोप लगे, लेकिन वे कभी अदालत के सामने पेश नहीं हुए। अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था। इस्लामाबाद की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत द्वारा सात मार्च को दोनों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट को बृहस्पतिवार तक निलंबित करने के बाद दोनों भाई मंगलवार को पाकिस्तान लौट आए।

गिरफ्तारी वारंट निलंबित होने से देश में उनकी सुरक्षित वापसी की आखिरी बाधा भी दूर हो गई थी। बृहस्पतिवार को हसन और हुसैन इस्लामाबाद स्थित जवाबदेही अदालत में पेश हुए, जिसने दलीलें सुनने के बाद फ्लैगशिप, अल-अजीजिया और एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामलों में जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट को रद्द कर दिया। अदालत ने 50,000 रुपये के मुचलके पर उनकी जमानत भी मंजूर कर ली।

First Published - March 14, 2024 | 9:22 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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