facebookmetapixel
Advertisement
बंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्टAshok Leyland Q3FY26 Results: मुनाफा 5.19% बढ़कर ₹862.24 करोड़, रेवेन्यू भी बढ़ाUP Budget 2026: योगी सरकार का 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश, उद्योग और ऊर्जा को मिली बड़ी बढ़त$2 लाख तक का H-1B वीजा शुल्क के बावजूद तकनीकी कंपनियों की हायरिंग जारीFIIs अब किन सेक्टर्स में लगा रहे पैसा? जनवरी में ₹33,336 करोड़ की बिकवाली, डिफेंस शेयरों से दूरीIMPS vs NEFT vs RTGS: कौन सा है सबसे तेज और सस्ता तरीका? जानिए सब कुछ

अमेरिकी शुल्क वृद्धि से भारत को होगा लाभ: नीति आयोग

Advertisement

अपनी तिमाही व्यापार रिपोर्ट में नीति आयोग ने कहा है कि सरकार को भारत अमेरिका एफटीए पर तेजी से काम करने की जरूरत है

Last Updated- July 14, 2025 | 10:42 PM IST
Donald Trump

नीति आयोग ने सोमवार को कहा कि अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले ज्यादातर उत्पादों के मामले में भारत को अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बढ़त हासिल है। आयोग ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपने प्रमुख व्यापार साझेदारों पर शुल्क बढ़ाए जाने से भारत को बाजार में अधिक हिस्सेदारी मिलने की संभावना है।

अपनी तिमाही व्यापार रिपोर्ट में नीति आयोग ने कहा है कि सरकार को भारत अमेरिका एफटीए पर तेजी से काम करने की जरूरत है, जिसमें गैर शुल्क बाधाओं, डेटा की आवाजाही पर डिजिटल व्यापार के नियम और सेवाओं के निर्यात के लिए ई-हस्ताक्षर जैसे मसलों के समाधान के लिए समयबद्ध लक्ष्य तय किए जाने चाहिए।  नीति आयोग का आकलन इस धारणा पर आधारित है कि भारत पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा तथा चीन, मेक्सिको और कनाडा जैसे प्रतिस्पर्धी देशों सहित कई अन्य देशों पर 20-50 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। केंद्र के नीतिगत थिंक टैंक के मुताबिक एचएस4 स्तर के शीर्ष 100 उत्पादों में से 80 उत्पादों पर भारत के प्रतिस्पर्धियों को भारत की तुलना में अधिक शुल्क का सामना करना पड़ेगा। इन उत्पादों की अमेरिका को भारत के निर्यात और कुल अमेरिकी आयात में महत्त्वपूर्ण हिस्सेदारी है।

इन उत्पादों की भारत के अमेरिका को कुल निर्यात में 22 प्रतिशत हिस्सेदारी हैं, जिसका निर्यात मूल्य 17.66 अरब डॉलर है। आयोग ने कहा खासकर 63 (अन्य निर्मित वस्त्र उत्पाद), 85 (विद्युत मशीनरी और उपकरण) और 84 (परमाणु रिएक्टर, मशीनरी और पुर्जे) जैसे क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धी निर्यातकों को ज्यादा शुल्क का सामना करना पड़ेगा और ऐसी स्थिति में भारत को निर्यात बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिलेगा। 2024 में भारत का अमेरिका के साथ द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 123.8 अरब डॉलर था, जिसमें भारत 37.7 अरब डॉलर व्यापार अधिशेष की स्थिति में है।

Advertisement
First Published - July 14, 2025 | 10:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement