facebookmetapixel
Advertisement
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक दिन इंसान को बेकार बना देगा? जानें एक्सपर्ट इसपर क्या सोचते हैंNSE का बड़ा धमाका: अब नैनोसेकंड में होंगे ट्रेड, 1000 गुना बढ़ जाएगी ट्रेडिंग की रफ्तार500% का मोटा डिविडेंड! एग्रीकेमिकल सेक्टर की कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेअमेरिकी कोर्ट के फैसले और ट्रंप के बयान पर भारत की नजर, सरकार ने कहा: हम अभी स्टडी कर रहे1 शेयर के बदले मिलेंगे 3 फ्री बोनस शेयर! IT सेक्टर की कंपनी का निवेशकों को तोहफा, देखें पूरी डिटेलPM मोदी और राष्ट्रपति लूला की बैठक: भारत-ब्राजील के बीच $20 अरब के व्यापार का बड़ा लक्ष्य तयDividend Stocks: बाजार में कमाई का मौका! अगले हफ्ते ये 6 कंपनियां देने जा रही हैं डिविडेंड, देखें लिस्टदिल्ली में अलर्ट! लाल किला और चांदनी चौक पर बढ़ी सुरक्षा, आतंकियों की मंशा खुफिया रिपोर्ट में आई सामनेIndia-US Trade Deal: अप्रैल में लागू हो सकता है भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता, पीयूष गोयल का बड़ा बयानExplainer: सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद लगाया 10% ग्लोबल टैरिफ! क्या अब बदल जाएगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील?

संस्थापकों-निवेशकों की सतर्कता ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को बनाया मजबूत, बंद होने की संख्या में भारी गिरावट

Advertisement

बाजार पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन के आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2025 में अब तक केवल 729 स्टार्टअप कंपनियां बंद हुईं, यह 5 साल में सबसे कम संख्या है

Last Updated- December 26, 2025 | 8:50 AM IST
Startup Funding Budget 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

Indian Startup Ecosystem 2025: साल 2025 खत्म होने वाला है और भारत के स्टार्टअप तंत्र में आधिक्य के बजाय मजबूती के साफ संकेत दिख रहे हैं। न केवल स्टार्टअप बंद होने की संख्या में तेजी से गिरावट आई है, बल्कि नई कंपनियों के बनने की रफ्तार भी धीमी पड़ी है। इससे वैश्विक महामारी के बाद की तेजी के बाद सतर्कता और परिपक्वता की दिशा में बदलाव का पता चलता है।

बाजार पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन के आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2025 में अब तक केवल 729 स्टार्टअप कंपनियां बंद हुईं। यह 5 साल में सबसे कम संख्या है और पिछले साल बंद हुई लगभग 3,900 स्टार्टअप की तुलना में 81 प्रतिशत की गिरावट है। साथ ही नई स्टार्टअप बनने के मामले में भी तेजी से कमी आई है, जिससे पूंजी की कमी, निवेशकों की कड़ी जांच-परख और संस्थापकों द्वारा नकदी निवेश का स्तर तेजी बढ़ाने के बजाय स्थायित्व को चुने जाने की बात जाहिर होती है।

उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार ये आंकड़े पारिस्थितिकी तंत्र की परिपक्वता दर्शाते हैं, जहां सस्थापक और निवेशक ज्यादा अनुशासित और सतर्क हो गए हैं।

प्रबधंन विशेषज्ञ शैलेश हरिभक्ति ने कहा कि वैश्विक महामारी के दौरान की तेजी में स्थापित कई स्टार्टअप कंपनियां तेजी से विकास और असीमित पूंजी की उम्मीद पर निर्मित की गई थीं। अलबत्ता रकम जुटाने में तंगी और बाजार में गिरावट के कारण कई स्टार्टअप कंपनियों को परिचालन बंद करना पड़ा।

हरिभक्ति ने कहा, ‘हम परिपक्व हो रही अर्थव्यवस्था हैं। संस्थापक तेजी से नाकामयाब होना और आगे बढ़ना सीख रहे हैं। ये आंकड़े हमें बताते हैं कि पूरे क्षेत्र में परिपक्वता आ रही है और लोग नहीं मान रहे हैं कि उन्हें नकदी फूंकने का अधिकार और अनुमति दी जाएगी, इसलिए वे ज्यादा सावधान हैं। इसे देखने का दूसरा तरीका यह है कि लोग अपने कारोबारी प्रारूप और समस्याओं को चुनने के मामले में ज्यादा सावधान हो गए हैं और यह भी बेहतर नतीजों का एक कारण है।’

Advertisement
First Published - December 26, 2025 | 8:50 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement