facebookmetapixel
Advertisement
भारत-अमेरिका को मतभेद दूर कर भरोसेमंद कर व्यवस्था बनाने पर काम करना चाहिए: सर्जियो गोरभारतीय चुनाव व्यवस्था की तारीफ कर बोले ट्रंप, कांग्रेस ने कहा- ईवीएम भी अमेरिका भेज देंगेब्रिक्स देशों ने पर्यावरण संरक्षण पर चार ज्ञान संकलन जारी किए, टिकाऊ विकास पर जोरदुबई का कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार मजबूत, पहली छमाही में लेनदेन 8.5% बढ़ाबाल यौन शोषण सामग्री पर सरकार सख्त, सोशल मीडिया के ‘सेफ हार्बर’ प्रावधान पर साफ संदेश17 सितंबर से सेमीकॉन इंडिया 2026, वैश्विक सीईओ और 500 से ज्यादा प्रदर्शक करेंगे ​शिरकत 13-17 साल के किशोरों के लिए नया चैटजीपीटी, मजबूत सुरक्षा और पैरेंटल कंट्रोल की सुविधालाठीचार्ज और पुलिस हिंसा की जांच करेगी 3 सदस्यीय समिति, सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देशपायलटों की आकस्मिक ड्रग जांच 25% करने की मांग, डीजीसीए से एफआईपी की अपीलभारत के समुद्री व्यापार का नया गेटवे बना विझिंजम, 57 लाख टीईयू क्षमता की ओर बढ़ा बंदरगाह

भारत-श्रीलंका के बीच नौका सेवा हकीकत में बड़ा कदम: विदेश मंत्री एस. जयशंकर

Advertisement

जयशंकर ने कहा, ‘यह भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच संपर्क की दिशा में हकीकत में बड़ा कदम है और प्रधानमंत्री मोदी एवं राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भी इसे स्वीकारा था।

Last Updated- October 14, 2023 | 1:45 PM IST
India's Foreign Minister Subrahmanyam Jaishankar

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि तमिलनाडु के नागपत्तिनम से लेकर श्रीलंका में जाफना के पास कांकेसंतुरई तक नौका सेवा लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने की दिशा में ‘हकीकत में एक बड़ा कदम है।’

विदेश मंत्री ने नौका सेवा के उद्घाटन के लिए आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में कहा कि नयी दिल्ली का अपने पड़ोसी देशों को लेकर ‘‘विनम्र तथा दूरदृष्टि भरा रुख है’ और उसका ध्यान कनेक्टिविटी, सहयोग तथा संपर्क पर केंद्रित है।’ उन्होंने कहा, ‘‘हम भविष्य में ग्रिड कनेक्शन, पाइपलाइन और आर्थिक गलियारे की संभावनाएं तलाश रहे हैं। साथ ही श्रीलंका में सभी के सम्मान और समान अधिकारों का समर्थन करते हैं।’

भारत द्वीप राष्ट्र में तमिल समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके लिए सम्मान तथा गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने की मांग कोलंबो से करता रहा है। नौका सेवा जुलाई में दोनों देशों के नेताओं द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप शुरू की गई है।

जयशंकर ने कहा, ‘यह भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच संपर्क की दिशा में हकीकत में बड़ा कदम है और प्रधानमंत्री मोदी एवं राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भी इसे स्वीकारा था।’ उच्च गति वाली इस नौका का संचालन ‘शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ कर रहा है और इसकी क्षमता 150 यात्रियों की है।

अधिकारियों के अनुसार, नागपत्तिनम और कांकेसंथुराई के बीच लगभग 60 समुद्री मील (110 किमी) की दूरी समुद्र की स्थिति के आधार पर लगभग साढ़े तीन घंटे में तय होगी।

अपने संबोधन में जयशंकर ने भारत की ‘पड़ोसी पहले’ की नीति के साथ ही पड़ोसी देशों के साथ कनेक्टिविटी और सहयोग बढ़ाने की कवायद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘और हम इस नौका के माध्यम से ठीक यही करना चाहते हैं। यह चेन्नई-जाफना के बीच संचालित उड़ानों में दिखाई दे रहा है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने मंजूरी दी है।’

जयशंकर ने कहा, ‘इस तरह के कदम एक ऐसे प्रधानमंत्री का स्वाभाविक निर्णय हैं, जिसके दिल के तमिलनाडु काफी नजदीक है और जिन्होंने श्रीलंका में सभी के कल्याण में रुचि ली है।’ उन्होंने SAGAR (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के संबंध में भारत की नीति का भी उल्लेख किया और कहा कि देश समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आपदा प्रतिक्रिया और पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में फिर से सक्रिय हो गया है। विदेश मंत्री ने आम नागरिक के लिए जीवन को कैसे आसान बनाया जाए, इस पर भारत के जोर का भी जिक्र किया।

Advertisement
First Published - October 14, 2023 | 1:45 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement