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UP: निजी कंपनियां करेंगी सरकारी बसों की मरम्मत, कुशल कर्मचारियों की कमी के चलते लिया फैसला

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परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि रोडवेज कार्यशालाओं की दक्षता बढ़ाने के मंतव्य से 19 डिपो के वर्कशॉप को आउटसोर्सिंग के जरिए टेंडर किया गया था।

Last Updated- November 05, 2024 | 7:53 PM IST

उत्तर प्रदेश में सरकारी बस स्टेशनों को निजी सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) के आधार पर विकसित किए जाने के फैसले के बाद अब बसों की मरम्मत का काम भी निजी हाथों में दिया गया है।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) ने अपने बसों के मरम्मत व रख-रखाव के लिए बने डिपों के संचालन का काम निजी कंपनियों को दिए जाने की शुरुआत कर दी है। इससे पहले निगम ने अपने 12 बस टर्मिनलों के निर्माण, नवीनीकरण और उन्हगें कामर्शियल कांप्लेक्स में परिवर्तित करने के लिए निजी क्षेत्र का सहयोग लेने का फैसला लिया था।

हाल ही में परिवहन निगम ने राजधानी लखनऊ के अवध डिपो सहित कुल पंद्रह डिपो निजी हाथों में सौंप दिए हैं। इन डिपो में बसों की मरम्मत का काम अब निजी कंपनियां देखेंगी। निगम ने प्रदेश में सभी बड़े शहरों में अपने बसों के बेड़े की मरम्मत के लिए डिपो की स्थापना की थी। निगम अधिकारियों का कहना है कि कुशल कर्मचारियों की कमी के चलते मरम्मत का काम प्रभावित हो रहा था जिसके चलते इन्हें निजी हाथों में दिए जाने का फैसला किया गया।

जिन स्थानों को निजी हाथों में देने का फैसला किया गया उनमें अवध डिपो के अतिरिक्त नजीबाबाद, हरदोई, जीरो रोड, ताज डिपो, देवरिया, साहिबाबाद, वाराणसी कैंट, सुल्तानपुर, झांसी, बलिया, बांदा, बदायूं, हटावा और बलरामपुर डिपो शामिल हैं।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि रोडवेज कार्यशालाओं की दक्षता बढ़ाने के मंतव्य से 19 डिपो के वर्कशॉप को आउटसोर्सिंग के जरिए टेंडर किया गया था। निविदा प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद 15 डिपों में निजी कंपनियों को कार्य सौंप दिया गया है। इन 15 डिपो के वर्कशॉप में बसों के मेंटेनेंस का कार्य करने वाली निजी कंपनियों में श्याम इंटरप्राइजेज, एसडीएल एंटरप्राइजेज और आर के ऑटोमोबाइल मुख्य रूप से शामिल हैं।

परिवहन मंत्री ने कहा कि इन कंपनियों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाएगा, और यदि ये सफल रहती हैं, तो बाकी के 100 डिपो में भी मरम्मत का काम निजी कंपनियों को सौंपने पर विचार किया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले परिवहन निगम ने अपने बस स्टेशनों पर नागरिक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनसे राजस्व अर्जित करने के संसाधन भी विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र का सहयोग लेने का फैसला किया था। इसके तहत परिवहन निगम के द्वारा 12 बस टर्मिनल्स के निर्माण, नवीनीकरण और उन्हें कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इससे आगरा, गोरखपुर, मिर्जापुर, बुलंदशहर, गढ़ मुक्तेश्वर, मथुरा, कानपुर सेंट्रल व वाराणसी कैण्ट समेत कई नए टर्मिनल्स के निर्माण तथा पुराने बस अड्डों के मेकओवर का काम शामिल है।

परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि 12 बस टर्मिनल कम कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण व मेकओवर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस क्रम में, आगरा के ईदगाह व ट्रांसपोर्ट नगर, गाजियाबाद के साहिबाबाद, गोरखपुर, मिर्जापुर, बुलंदशहर, बरेली, गढ़ मुक्तेश्वर, अलीगढ़ के रसूलाबाद, वाराणसी कैंट, कानपुर सेंट्रल में 12 बस टर्मिनल कम कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण तथा मथुरा में पुराने बस अड्डे के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इन सभी स्थानों पर नागरिक सुविधाओं के विकास के साथ ही इन्हें कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में परिवर्तित कर इनके जरिए राजस्व अर्जित के मॉडल पर भी फोकस किया जा रहा है।

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First Published - November 5, 2024 | 7:53 PM IST

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