उत्तर प्रदेश सरकार ने उद्योगों की मदद के लिए पिछले लगभग 9 वर्षों में कई कदम उठाए हैं, जिनके परिणाम अब बेहतर विकास और स्थिर निवेश माहौल के साथ धरातल पर नजर आ रहे हैं। लखनऊ में बिज़नेस स्टैंडर्ड समृद्धि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में ‘नए औद्योगिक क्षेत्रों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए संभावनाएं’ विषय पर एक पैनल चर्चा में भाग लेते हुए विशेषज्ञों ने यह बात कही। पैनल चर्चा में भाग लेते हुए राज्य के पशुपालन, डेरी और मत्स्य पालन विभाग के मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 2000 नए पर्यटन स्थल विकसित किए हैं और 12 सर्किट तैयार किए जा रहे हैं।
1995 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी मेश्राम पहले राज्य के पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थल मशहूर हैं लेकिन कई अन्य स्थल भी हैं जिनके ऐतिहासिक महत्त्व के बारे में लोग कम जानते हैं।’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एक बौद्ध सर्किट भी तैयार किया है जो दुनिया भर से बौद्ध पर्यटकों के लिए एक आकर्षण बन गया है, विशेष रूप से 39 देशों में जहां बौद्ध धर्म एक प्रमुख धर्म है। इसके अलावा राज्य में एक जैन सर्किट भी क्योंकि उत्तर प्रदेश 24 जैन तीर्थंकरों में से 18वें का जन्मस्थान है।
मेश्राम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहली बार एक इको-टूरिज्म बोर्ड की स्थापना की गई। उन्होंने बताया, ‘हमने यूनेस्को को लखनऊ को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क (यूसीसीएन) की सूची में शामिल करने के प्रयास किए, जिसे हमने हासिल किया। भारत में केवल दो शहर, हैदराबाद और लखनऊ को उनके पारंपरिक भोजन और गैस्ट्रोनॉमी के लिए सूची में शामिल किया गया है।’
लखनऊ को 2023 में यूसीसीएन सूची में शामिल किया गया था। राज्य सरकार की कोशिशों के कारण उत्तर प्रदेश 65 करोड़ घरेलू पर्यटकों के आगमन में देश में शीर्ष पर है और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में पांचवें पायदान से चौथे पर आ गया है। पशुपालन विभाग में किए जा रहे प्रयासों पर मेश्राम ने कहा कि उत्तर प्रदेश वास्तव में 3.8 करोड़ टन दूध उत्पादन के साथ देश का प्रमुख राज्य है।
हालांकि, राज्य वर्तमान में कुल दूध उत्पादन का केवल 17 से 19 प्रतिशत ही संसाधित करता है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन में उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। इस क्षेत्र में लगभग 23-24 प्रतिशत सालाना वृद्धि हो रही है जो देश में सबसे अधिक है।
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने कहा कि राज्य में ऋण वृद्धि ने पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व तेजी दिखाई है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड राज्य सरकार के साथ ग्रामीण सड़कों के निर्माण की सुविधा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। एमएसएमई क्षेत्र में नाबार्ड क्लस्टर विकास के लिए कृषि उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और कृषि से इतर उत्पादक संगठनों (ओएफपीओ) के गठन पर ध्यान दे रहा है।
वहीं इंडियन बैंक के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता ने कहा कि ऋण-जमा अनुपात में राज्य का प्रदर्शन पूरे देश में सबसे अच्छा है और इस ऋण-जमा अनुपात में 44 प्रतिशत से 62-65 प्रतिशत तक अहम सुधार हुआ है जिसका लक्ष्य 70 प्रतिशत के स्तर तक पहुंचना है।
एवलांच रिफाइनरीज प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ मोहित तुलसी सिंह राजपूत ने कहा कि नए औद्योगिक क्षेत्रों में वाराणसी बहुत तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बाहर के एक निवेशक के तौर पर वह पिछले आठ वर्षों में राज्य में हुए विकास को देखकर हैरान हैं।
लोहम क्लीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ रजत वर्मा ने कहा कि अगर दुर्लभ खनिजों की बात करें तो वह दिन दूर नहीं जब उत्तर प्रदेश इस मामले में प्रमुख उत्पादक बन जाएगा।