परिवहन विभाग की तमाम सेवाओं को जनता के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने बहुत सारी सुविधाओं को ऑनलाइन करते हुए इन्हें आमजन तक पहुंचाने की शुरुआत कर दी है। प्रदेश के शहरों, कस्बों और गांवों में खुले 1.5 लाख से ज्यादा जन सेवा केंद्रों (सीएससी) पर परिवहन विभाग की सेवाओं का लाभ मिलना शुरू हो गया है। परिवहन विभाग की 48 से अधिक सेवाएं जन सेवा केंद्रों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती हैं।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य इन सेवाओं को लोगों के करीब लाना है ताकि बिना समय गंवाए वे इनका लाभ ले सकें। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का कहना है कि सीएससी के जरिये तमाम सेवाओं की उपलब्धता के बाद ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर वाहन संबंधी तमाम कामों के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) के कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोगों को अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर ही ड्राइविंग लाइसेंस सहित वाहन शुल्क, प्रदूषण संबंधी एनओसी जैसी तमाम सेवाएं मिल सकेंगी। उत्तर प्रदेश में बसों की सही स्थिति की जानकारी के लिए डिजिटल बस ट्रैकिंग ऐप ‘मार्गदर्शी’ और हेल्पलाइन 149 भी शुरू की गई है।
परिवहन मंत्री के मुताबिक आम जनता अब जन सेवा केंद्रों के जरिये न केवल लर्निंग लाइसेंस व आरसी देख सकती है बल्कि लाइसेंस नवीनीकरण, परमिट बनवाने, अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट और बस टिकट बुकिंग जैसी कई सेवाएं प्राप्त कर सकती है। इस मुहिम का उद्देश्य गांवों तक डिजिटल सुविधाएं पहुंचाना, बिचौलियों को खत्म करना और परिवहन सेवाओं को आसान व सुलभ बनाना है। उन्होंने बताया कि जन सेवा केंद्रों पर विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन करने का न्यूनतम शुल्क महज 30 रुपये रखा गया है जो परिवहन अधिकारी के कार्यालय जाने पर लगने वाले खर्च से बहुत ही कम है।
परिवहन विभाग के ‘मार्गदर्शी’ ऐप के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री दयाशंकर ने कहा कि इससे बसों की लाइव लोकेशन पता की जा सकती है और ‘सरल परिवहन हेल्पलाइन 149’ पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। यह डिजिटल पहल शुरू होने के बाद से बसों का संचालन काफी हद तक समयबद्ध हो गया है।