facebookmetapixel
Advertisement
टाटा समूह के नए कारोबार मांग रहे बड़ी पूंजी, सेमीकंडक्टर से एयर इंडिया तक कई लाख करोड़ के निवेश पर नजरटीवी रेटिंग का संकट गहराया, सरकार की नई नीति के चलते विज्ञापन बाजार पर बढ़ी चिंताEditorial: कॉरपोरेट मुनाफे की रफ्तार तेज, निवेश पीछे; विनिर्माण को नई ताकत देना बड़ी चुनौतीरोजगार की नई राह बनेगा सेवा क्षेत्र, शिक्षा और स्वास्थ्य में छिपी बड़ी संभावनाएंउदारीकरण ने बदली दूरसंचार की तस्वीर, कभी फोन कनेक्शन के लिए सालों इंतजार करता भारत आज बना डिजिटल ताकतपरमाणु संयंत्रों के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट, सुरक्षा और निवेश दोनों पर फोकसFCNR (B) स्वैप सुविधा समय से पहले बंद, रुपये पर दबाव बढ़ा; सरकारी बॉन्ड यील्ड भी चढ़ीशेयर बाजार को मजबूत करने की तैयारी: SLBM का दायरा बढ़ाएगा SEBI, CAS को मिलेगी मजबूतीरिवॉल्विंग क्रेडिट पर रोक के प्रस्ताव से NBFC चिंतित, RBI को देंगे फीडबैकभाजपा ने बनाई नई टीम, 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे; स्मृति ईरानी महासचिव तो राम माधव बने उपाध्यक्ष

Traders withdraw strike: व्यापारियों ने वापस लिया राज्य-स्तरीय व्यापार बंद, APMC, जीएसटी समेत अन्य मुद्दों पर बनी कमेटी

Advertisement

राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ललित गांधी से फोन पर बात की और आश्वासन दिया कि सरकार व्यापारियों के मुद्दे पर सकारात्मक है और उनसे बंद वापस लेने का आग्रह किया।

Last Updated- August 26, 2024 | 8:19 PM IST
Traders withdraw strike: Traders withdraw state-level trade strike, Committee formed on APMC, GST and other issues व्यापारियों ने वापस लिया राज्य-स्तरीय व्यापार बंद, APMC, जीएसटी समेत अन्य मुद्दों पर बनी कमेटी

Traders withdraw strike: राज्य सरकार द्वारा व्यापारियों की शिकायतों के समाधान के लिए 30 दिनों के भीतर एक संयुक्त समिति के गठन का आदेश देने के बाद व्यापारिक संघों ने 27 अगस्त का एक दिवसीय राज्यव्यापी बंद को स्थगित कर दिया। एपीएमसी मार्केट में बुनियादी सुविधाओं की कमी, एक फीसदी एपीएमसी सर्विस चार्ज, जीएसटी समेत अन्य मुद्दों को लेकर व्यापारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया था।

महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ललित गांधी ने बताया कि 27 अगस्त को महाराष्ट्र राज्य व्यापारी कार्रवाई समिति द्वारा बुलाई गई एक दिवसीय महाराष्ट्र व्यापार हड़ताल को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। राज्य स्तरीय एक्शन कमेटी के बंद के दायरे को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। उपमुख्यमंत्री ने हमारी सभी चिंताओं को धैर्यपूर्वक सुना, कई मुद्दों की तात्कालिकता को स्वीकार किया और चर्चा के बाद व्यापारियों की शिकायतों के समाधान के लिए 30 दिनों के भीतर एक संयुक्त समिति के गठन का आदेश दिया।

महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ललित गांधी ने बताया कि भले ही एलबीटी अधिनियम 2015 में निरस्त कर दिया गया था, फिर भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उपमुख्यमंत्री फडणवीस से राज्य के सभी नगर निगमों में एलबीटी विभाग को बंद करने की मांग की। उन्होंने इसे मंजूरी दे दी और अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी करने का निर्देश दिया।

गांधी ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से केंद्र सरकार द्वारा स्थापित राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड की तर्ज पर महाराष्ट्र में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड स्थापित करने की मांग की। उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और इस संबंध में कार्रवाई करने का वादा किया।

Also read: Crops Insurance: पिछले साल से कम किसानों ने कराया फसल बीमा, आवेदन में 3 फीसदी की गिरावट

फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र के अध्यक्ष जितेंद्र शाह ने बताया कि करीब दो घंटे तक चली बैठक में काफी सकारात्मक चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी ने सभी मुद्दों को समझा और बाजार समिति विषय के लिए और जीएसटी और अन्य विषयों के लिए कार्रवाई समिति के सदस्यों और मुख्य सचिव और उच्च अधिकारियों की तीन समितियों का गठन किया गया।

उक्त समिति को 30 दिनों के भीतर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया गया। राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ललित गांधी से फोन पर बात की और आश्वासन दिया कि सरकार व्यापारियों के मुद्दे पर सकारात्मक है और उनसे बंद वापस लेने का आग्रह किया।

बैठक में महाराष्ट्र चैंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवींद्र मंगावे, एफएएम के सचिव प्रीतेश शाह, ग्रोमा के सचिव नितेश वीरा, पुणे मर्चेंट चैंबर के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण चोरबोले, अनिल भंसाली उपस्थित थे। ग्रोमा के अध्यक्ष भीमजी भानुशाली इत्यादि शामिल थे। बैठक में वित्त मंत्रालय, APMC, GST एवं CGST विभागों और मार्केट कमेटी के सचिवों ने भी भाग लिया। बैठक में व्यापारियों ने एपीएमसी शुल्क, सेवा शुल्क, लीज और पुनर्विकास, एलबीटी के मुद्दे को सरकार के सामने रखा। इसके अलावा GST से संबंधित धाराएं 16(2) और 16(2)(C), ई-वे बिल, अतिरिक्त स्थान मुद्दे, स्टॉक ट्रांसफर मुद्दे, और GST क्रेडिट रिवर्सल के लिए स्वीकृति तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया।

Advertisement
First Published - August 26, 2024 | 8:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement