facebookmetapixel
Advertisement
Editorial: दिवालिया समाधान से CSR और ऑडिट सुधार तक बड़े बदलावसरकारी बैंकों में प्रमोशन के पीछे की कहानी और सुधार की बढ़ती जरूरत​युद्ध और उभरती भू-राजनीतिक दरारें: पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दियापीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ानBiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकार

शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने के बाद अब अपना AI इंजन बनाएगा यह राज्य, सरकार ने बताया प्लान

Advertisement

राज्य के शिक्षा मंत्री ने शनिवार को घोषणा की कि इस साल KITE की मदद से यह AI इंजन बनाया जाएगा।

Last Updated- February 08, 2025 | 5:44 PM IST

केरल सरकार ने स्कूल के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बेसिक जानकारी देने के बाद अब स्कूलों के लिए अपना खुद का AI इंजन बनाने की योजना बनाई है। राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने शनिवार को घोषणा की कि इस साल केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) की मदद से यह AI इंजन बनाया जाएगा। यह जानकारी सरकार के आधिकारिक बयान में दी गई।

मंत्री ने यह बात अंतरराष्ट्रीय मुक्त और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर (ICFOSS) परिसर में “लिटिल KITES” नाम के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान कही। उन्होंने बताया कि केरल सरकार ने स्कूलों में 29,000 रोबोटिक किट बांटने का काम पूरा कर लिया है। यह पहल KITE, जो राज्य के शिक्षा विभाग की टेक्नोलॉजी शाखा है, ने चलाई।

KITE द्वारा स्कूलों में उपलब्ध कराई गई ओपन हार्डवेयर आधारित रोबोटिक किट में Arduino Uno Rev3, एलईडी, SG90 मिनी सर्वो मोटर, LDR लाइट सेंसर मॉड्यूल, IR सेंसर मॉड्यूल, एक्टिव बजर मॉड्यूल, पुश बटन, ब्रेड बोर्ड, जंपर वायर और रेज़िस्टर जैसी चीजें शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को समाज की भलाई के लिए योगदान देना चाहिए। उन्होंने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन , कोचीन शिपयार्ड, Qburst टेक्नोलॉजी और केनरा बैंक जैसे संस्थानों का उदाहरण दिया, जिन्होंने CSR फंड (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी फंड) के तहत स्कूलों में रोबोटिक्स शिक्षा को बढ़ावा दिया।

उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों के ज्यादा डिजिटल डिवाइस इस्तेमाल करने से होने वाली दिक्कतें और फेक न्यूज को रोकने जैसे मुद्दों को स्कूल की ICT किताबों में जोड़ा गया है। इस कार्यक्रम में विधायक कडकम्पल्ली सुरेंद्रन, KITE के CEO अनवर सदाथ और ICFOSS के डायरेक्टर सुनील टी.टी. ने भी भाग लिया।

दो दिन तक चलने वाले इस इवेंट में सिंगापुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रह्लाद वडक्केपाट, केरल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अच्युतशंकर एस. नायर और अन्य विशेषज्ञों ने अपनी बातें साझा कीं।

गौरतलब है कि केरल सरकार ने पिछले साल हजारों शिक्षकों को AI की ट्रेनिंग दी थी। यह भारत में पहली बार हुआ कि किसी राज्य ने अपने शिक्षकों को AI सिखाने की पहल की। इसका मकसद शिक्षकों को नई टेक्नोलॉजी की जानकारी देना था ताकि वे बच्चों को भी इसके बारे में सिखा सकें।

Advertisement
First Published - February 8, 2025 | 5:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement