अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर रेड चैनल पर तैनात कस्टम्स अधिकारियों को अब बॉडी-वॉर्न कैमरा (BWC) पहनना अनिवार्य होगा। द इकॉनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ व्यापार में आसानी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और कस्टम्स बोर्ड (CBIC) ने यह निर्देश पिछले महीने कस्टम्स फील्ड अधिकारियों को जारी किया।
रेड चैनल उन यात्रियों के लिए होता है जो सामान के लिए ड्यूटी, प्रतिबंधित या निषिद्ध वस्तुएं लेकर आते हैं और जिन्हें भारतीय कस्टम्स नियमों के तहत घोषित करना अनिवार्य होता है। यहां चेकिंग अक्सर विस्तृत होती है और विवाद की संभावना अधिक रहती है।
निर्देश में कहा गया है कि अधिकारियों को केवल रेड चैनल पर ही नहीं, बल्कि हवाईअड्डे पर किसी भी प्रकार की यात्री इंटरैक्शन के दौरान बॉडी कैमरा पहनना होगा। इसमें पूछताछ, बैगेज जांच और ड्यूटी असाइनमेंट शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि इससे यात्रियों के साथ पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
निर्देशों के अनुसार, यात्रियों को यह सूचित करना अनिवार्य है कि उनकी बातचीत रिकॉर्ड की जा रही है। सभी वीडियो फुटेज 90 दिन तक सुरक्षित रखे जाएंगे। हालांकि, जांच, ऑडिट या न्यायिक कार्रवाई के लिए इन रिकॉर्डिंग्स को लंबी अवधि तक रखा जा सकता है।
CBIC ने कहा कि यह पहल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कस्टम्स और सीमा नियंत्रण एजेंसियों द्वारा अपनाए जाने वाले सर्वोत्तम तरीकों के अनुरूप है। बॉडी कैमरा का उपयोग अधिकारियों और जनता के बीच विश्वास बनाने का एक तरीका माना जा रहा है।
CBIC के अनुसार, “इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर कस्टम्स प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता का विश्वास बढ़ाना है।”
अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से यात्रियों के साथ बातचीत में सहजता आएगी, विवाद कम होंगे और कस्टम्स प्रक्रिया में भरोसा बढ़ेगा।