facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Update: हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 340 अंक गिरा; निफ्टी 26,200 के पासStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

NSS Survey: ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की कमी नहीं; आधी आबादी स्वच्छ ईंधन पर नहीं पकाना चाहती खाना

Last Updated- March 12, 2023 | 11:11 PM IST
इस गर्मी बुंदेलखंड में नहीं होगी पानी की कमी, CM Yogi ने जल जीवन मिशन के लिए जारी किये निर्देश, There will be no water shortage in Bundelkhand this summer, CM Yogi issued instructions for Jal Jeevan Mission

एक सरकारी सर्वेक्षण के अनुसार 2020-2021 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 95 फीसदी और शहरों में 97.2 फीसदी लोगों की पेयजल के बेहतर स्रोतों तक पहुंच रही।

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSS) के 78वें दौर के ‘मल्टीपल इंडिकेटर सर्वे’ (MIS) पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में लगभग 56.3 फीसदी और शहरी इलाकों में लगभग 76.3 फीसदी लोगों ने घरेलू परिसरों में स्थित पेयजल के उन्नत स्रोतों (improved source) का इस्तेमाल किया, जो वर्ष भर पर्याप्त रूप से उपलब्ध थे।

MIS का प्राथमिक उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के कुछ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संकेतकों के निर्माण के लिए आंकड़ा एकत्र करना था। सर्वेक्षण को शुरू में जनवरी-दिसंबर 2020 के दौरान करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण, आंकड़े एकत्र करने का काम 15 अगस्त, 2021 तक जारी रखा गया था।

केंद्रीय नमूने के लिए, सर्वेक्षण 14,266 प्रथम चरण इकाइयों (ग्रामीण क्षेत्रों में 8,469 और शहरी क्षेत्रों में 5,797) में किया गया था, जिसमें 2,76,409 घरों के नमूने शामिल थे।

मार्च में जारी MIS पर आधारित रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 78.7 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में लगभग 97.1 फीसदी परिवारों ने बताया कि घर के ज्यादातर सदस्यों की शौचालय तक पहुंच है।

इसमें कहा गया है कि जिन लोगों ने शौचालयों की सुविधा उपलब्ध होने की सूचना दी थी, उनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 97.5 फीसदी जबकि शहरी क्षेत्रों में लगभग 99 फीसदी लोग शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 77.4 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में लगभग 92.7 फीसदी लोगों के पास परिसर के भीतर पानी और साबुन/डिटर्जेंट से हाथ धोने की सुविधा है।

इसमें कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 49.8 फीसदी परिवार और शहरी क्षेत्रों में लगभग 92.0 फीसदी परिवार खाना पकाने के लिए ऊर्जा के प्राथमिक स्रोत के रूप में स्वच्छ ईंधन का उपयोग करते हैं।

स्वच्छ ईंधन में एलपीजी, अन्य प्राकृतिक गैस, गोबर गैस, अन्य बायोगैस, बिजली (सौर/पवन ऊर्जा जनरेटर द्वारा उत्पन्न सहित) और सौर कुकर आदि शामिल हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 33 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 15-29 वर्ष की आयु के लगभग 39.4 फीसदी व्यक्ति सर्वेक्षण से पहले 12 महीनों के लिए औपचारिक और गैर-औपचारिक शिक्षा और प्रशिक्षण में थे।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 92.5 फीसदी परिवारों ने रहने की जगह से दो किलोमीटर के दायरे में सड़कों की उपलब्धता की सूचना दी। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 11.2 फीसदी परिवारों और शहरी क्षेत्रों में लगभग 7.2 फीसदी परिवारों ने 31 मार्च, 2014 के बाद आवासीय उद्देश्य के लिए कोई नया घर/फ्लैट खरीदा या बनाया।

First Published - March 12, 2023 | 4:17 PM IST

संबंधित पोस्ट