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लगभग 5 साल बाद भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानें अगले महीने से हो सकती हैं शुरू, रिश्तों में पिघल रही है बर्फ

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भारत और चीन अगले महीने से सीधी उड़ानें बहाल कर रिश्तों में सुधार और यात्रा को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

Last Updated- August 12, 2025 | 6:22 PM IST
Aeroplane
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

India China Direct Flight: भारत और चीन के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। खबर है कि दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें अगले महीने से फिर शुरू हो सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार ने एयर इंडिया और इंडिगो जैसी विमानन कंपनियों को चीन के लिए उड़ानें शुरू करने की तैयारी करने को कहा है। यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

कोविड-19 महामारी के बाद से भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें लगभग 5 साल से बंद थीं। इसके अलावा, जून 2020 में लद्दाख के गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प ने रिश्तों को और तनावपूर्ण बना दिया था। यह झड़प दशकों में दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर सैन्य टकराव था, जिसके बाद दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी थी।

Also Read: चीन को छोड़ भारत को क्यों निशाना बना रहा अमेरिका– क्या है पीछे की कहानी?

सैन्य और कूटनीतिक बातचीत से पिघली बर्फ

पिछले कुछ सालों में दोनों देशों ने सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत की। कुछ विवादित इलाकों में तनाव कम करने के लिए सैनिकों को पीछे हटाया गया, लेकिन कई मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। इसके चलते दोनों देशों की जनता प्रभावित हुई और साथ ही साथ आर्थिक नुकसान भी हुआ। भारत ने चीनी निवेश पर सख्ती की, आयात पर नजर रखी और उड़ानें भी बंद रहीं। लेकिन हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच बातचीत बढ़ी है, जिससे रिश्तों में कुछ नरमी देखने को मिल रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के लिए चीन के तियानजिन जाएंगे। यह उनकी 2019 के बाद पहली चीन यात्रा होगी। चीन ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का स्वागत किया है और इसे एकजुटता, दोस्ती और सकारात्मक नतीजों वाला आयोजन बताया है। हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी SCO से जुड़े कार्यक्रमों के लिए चीन गए थे। ये मुलाकातें दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं।

अब दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की बहाली से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि यह एक-दूसरे पर बढ़ते विश्वास का भी प्रतीक होगा। फिलहाल, उड़ानों की शुरुआत को लेकर अंतिम फैसला और तारीखों का इंतजार है।

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First Published - August 12, 2025 | 6:15 PM IST

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