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Bird flu को लेकर सरकार ने जारी की एडवाइजरी, रखें इन बातों का खास ख्याल

Bird Flu: य़ह वायरल संक्रमण न केवल पक्षियों में होता है बल्कि मनुष्यों और अन्य जंगली जानवरों को भी अपनी चपेट में ले सकता है।

Last Updated- February 26, 2024 | 4:15 PM IST
Bird Flu
Representative Image

Bird Flu: आंध्र प्रदेश में बर्ड फ्लू (Bird Flu) का मामले सामने आने के बाद मुर्गी पालकों के बीच में दहशत का माहौल है। इस बीच, बीमारी को देखते हुए बिहार सरकार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Animal & Fisheries Resources Department, Bihar) ने मुर्गी पालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

कैसे फैलता है संक्रमण?

बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) को H5N1 के नाम से भी जाना जाता है। यह वायरल संक्रमण न केवल पक्षियों में होता है बल्कि मनुष्यों और अन्य जंगली जानवरों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में इस वायरस का तेजी के साथ बढ़ने का खतरा रहता है। खासतौर पर, यह घरेलू मुर्गीपालन वाले स्थानों पर तेजी से फैलता है। मनुष्यों में यह संक्रमण, रोग संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव या मुंह या आंखों से निकलने वाले स्राव के संपर्क में आने से फैलता है।

इसके अलावा, कम पके मांस खाने के कारण भी इस बीमारी के फैलने का खतरा रहता है। हालांकि, ऐसे मामले कम देखने को मिले हैं।

आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में बढ़ते बर्ड फ्लू के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को संक्रमण से बचने के लिए बचाव के उपाए करते रहने की सलाह देते हैं।

ये होते हैं बर्ड फ्लू के लक्षण

बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अनुसार, मुनष्य खासकर बच्चे, अगर किसी संक्रमित पक्षी के म्यूकस या बीट और पंखों के संपर्क में आ जाएं तो उनमें बर्ड फ्लू होने का डर रहता है। मनुष्यों में बर्ड फ्लू के लक्षण साधारण फ्लू से मिलते-जुलते होते है।

बर्ड फ्लू के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं-

  • सांस लेने में तकलीफ
  • तेज बुखार
  • जुकाम
  • नाक बहना

अगर इनमें से आपकों कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को इसकी सूचना दें। हालांकि, बर्ड फ्लू का वायरस 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर खत्म हो जाता है। अगर किसी जगह पर बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि हुई हो तो वहां भी अंडे या चिकन 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पकाकर खाने में कोई नुकसान नहींहोता है। इसलिए लोगों को इससे डरने की जरूरत नहीं, बल्कि सावधानी बरतने के लिए कहा है।

इन बातों का रखें खास ख्याल

  • बीमार मुर्गियों के सीधे संपर्क में जानें से बचे
  • संक्रमित पक्षियों के पंख, म्यूकस और बीट को हाथ न लगाएं। अगर आपने छू लिया है तो तुरंत हाथ अच्छी तरह से धो लें।
  • खुद की सेफ्टी के लिए ग्लव्स पहने या फिर कोई अन्य सुरक्षा साधन का इस्तेमाल करें।
  • मुर्गियों को बाड़े में रखें।
  • बीमार या मरे हुए पक्षी के बारे में निकटमत पशु चिकित्सालय को तुरंत सूचित करें।

First Published - February 26, 2024 | 4:15 PM IST

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