facebookmetapixel
Advertisement
एथनॉल मिले पेट्रोल पर उठे सवालों का सरकार ने दिया जवाब, माइलेज घटने की बात भी मानीमहिलाओं के काम करने में सामाजिक सोच नहीं बल्कि नौकरियों की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा: एस. महेंद्र देवफ्लॉप से सुपरहिट बनी इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’, कैसे दर्शकों ने पलट दी बॉक्स ऑफिस की बाजीEditorial: महिलाओं की नकद हस्तांतरण योजनाओं ने बदली तस्वीर, लेकिन बढ़ा राज्यों पर वित्तीय दबावअगले दो साल में IPO के लिए तैयार होंगी 210 नई कंपनियां, रेडसीर की रिपोर्ट में हुआ खुलासाSBI Funds Management आईपीओ से पहले बेचेगी हिस्सेदारी, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट से जुटाए ₹1,655 करोड़शेयर बाजार में हफ्ते भर मची रही हलचल, रिलायंस और बैंकिंग शेयरों की दम पर आखिरी दिन हुई चौतरफा रिकवरीरूफटॉप सोलर स्कीम को मिलेगी बड़ी रफ्तार, विश्व बैंक भारत के लिए जुटाएगा $4.2 अरब का प्राइवेट फंडMSME सेक्टर को बड़ी राहत, अब सभी सरकारी कंपनियों के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म से बिल भुगतान जरूरीओयो-जॉस्टल के बीच बढ़ा कानूनी विवाद, दिल्ली HC ने बैकपैकर हॉस्टल श्रृंखला की नई अर्जी को किया खारिज

Omaxe Builder के चेयरमैन सहित छह के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

Advertisement
Last Updated- June 07, 2023 | 5:22 PM IST

गौतमबुद्ध नगर जिले के बीटा-2 थाना में एक व्यक्ति ने ओमेक्स बिल्डर (Omaxe Builder) के चेयरमैन सहित छह लोगों के खिलाफ कथित तौर पर धोखाधड़ी कर उनकी रकम हड़पने की शिकायत दर्ज कराई है।

बीटा-2 थाना के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि बिजेंद्र सिंह नामक व्यक्ति ने बीती रात को ओमेक्स बिल्डर के चेयरमैन रोहतास गोयल, प्रबंध निदेशक मोहित गोयल, निदेशक जतिन गोयल, विनीत गोयल,गुरनाम सिंह और निशांत जैन के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं, ओमेक्स बिल्डर की ओर मामले पर अबतक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मिश्रा ने बताया कि यह प्राथमिकी अदालत के आदेश पर दर्ज की गई है। थाना प्रभारी के मुताबिक पीड़ित ने आरोप लगाया है कि बिल्डर कंपनी ने बीटा-2 स्थित ओमेक्स कनॉट प्लेस की दुकान संख्या 140 उन्हें 20,90,521 रूपये में बेचा था और बुकिंग के दौरान उन्होंने 18,50,835 रुपये का भुगतान कर दिया था।

पीड़ित के मुताबिक उसने बाद में 2,29,686 रुपये चेक के जरिये कंपनी को दिए और बिल्डर ने दो साल में दुकान पर कब्जा देने का वादा किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक वर्ष पश्चात बिल्डर ने बिजली उपकरण, लीज रेंट, पावर बैकअप, उपकरण, मेंटेनेंस व बिजली मीटर के नाम पर और 1,44,125 रुपये लिए और इस प्रकार उन्होंने कुल 22,34,646 रुपये का भुगतान बिल्डर को किया।

पुलिस ने तहरीर के हवाले से बताया कि पीड़ित को जब दुकान पर कब्जा नहीं मिला तो उसने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में जाकर परियोजना की जानकारी ली जहां पता चला कि जो दुकान उन्हें आवंटित की गई है उसका नक्शा प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नहीं किया गया है।

मिश्रा ने बताया कि पीड़ित ने आरोप लगाया है कि बिल्डर ने उनके और उनकी तरह कई अन्य के साथ धाखोधड़ी की है। उन्होंने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, इस बारे में ओमेक्स ग्रुप के पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

Advertisement
First Published - June 7, 2023 | 5:22 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement