facebookmetapixel
Gold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लान

अमेरिकी शुल्क की आशंकाएं घटीं, अप्रैल में भारत का समुद्री उत्पादों का निर्यात 21% बढ़ा

भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात का सबसे बड़ा गंतव्य अमेरिका है। अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले समुद्री उत्पाद में सबसे बड़ी हिस्सेदारी झींगा की है।

Last Updated- May 23, 2025 | 10:38 PM IST
Seafood Export

भारत का समुद्री उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2025 में डॉलर के हिसाब से करीब 18 प्रतिशत बढ़कर 58.2 करोड़ डॉलर और रुपये के हिसाब से करीब 21 प्रतिशत बढ़कर 4,981 करोड़ रुपये हो गया। आंकड़ों के अनुसार अमेरिका के शुल्क के बारे में शुरुआती आशंकाएं धूमिल होने पर तीन माह के विराम के बाद यह वृद्धि दर्ज हुई।

हालांकि समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात में मार्च 2024 की तुलना में मार्च 2025 में सालाना आधार पर डॉलर वृद्धि को लेकर गिरावट दर्ज हुई थी। भारत से हर साल होने वाले समुद्री उत्पाद के निर्यात में करीब 35-40 प्रतिशत का निर्यात अमेरिका को होता है। भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात का सबसे बड़ा गंतव्य अमेरिका है। अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले समुद्री उत्पाद में सबसे बड़ी हिस्सेदारी झींगा की है।

यह भी पढ़ें…ट्रंप प्रशासन का हार्वर्ड में विदेशी छात्रों पर प्रतिबंध: भारत-चीन के स्टूडेंट्स की बढ़ी चिंताएं

उद्योग के अनुसार, ‘अप्रैल के शुरुआती दिनों में अमेरिका को निर्यात को लेकर अनिश्चितताएं कायम थीं। इसका कारण यह था कि अमेरिका ने भारत पर 26 प्रतिशत जवाबी शुल्क लगाया था और खरीदारों ने 2-3 दिन तक भारत के आपूर्तिकर्ताओं से खरीदारी रोक सी दी थी। हालांकि इन शुल्कों को लागू करना तीन महीने के लिए लंबित कर दिया गया और आशंकाएं कुछ धूमिल हुई। इससे निर्यात फिर शुरू हुआ।’भारत से अमेरिका को निर्यात करने वाले सभी उत्पादों के आधार पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने से दाम बढ़ गए लेकिन अगले कुछ महीनों में दाम स्थिर हो जाएंगे।’

First Published - May 23, 2025 | 10:03 PM IST

संबंधित पोस्ट