आंध्र प्रदेश में शीघ्र ही सत्ता की बागडोर संभालने जा रहे तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू के सामने राज्य के खाली खजाने के बीच हाल ही में संपन्न विधान सभा चुनाव के दौरान उनकी पार्टी द्वारा किए गए ‘सुपर सिक्स’ वादों को पूरा करने की बड़ी चुनौती होगी। नायडू 12 जून को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
वित्तीय चुनौतियों की शुरुआत के तहत नायडू को एक जुलाई तक लगभग 65 लाख लाभार्थियों को सामाजिक पेंशन वितरित करने के लिए 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की आवश्यकता है। अपने ‘सुपर सिक्स’ के हिस्से के रूप में नायडू ने मासिक पेंशन को मौजूदा 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये करने का वादा किया, साथ ही जुलाई से 3,000 रुपये (अप्रैल, मई और जून के लिए एक-एक हजार रुपये) का बकाया भुगतान करने का वादा भी किया है।
कुल मिलाकर जुलाई में राजकोष पर 4,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा, इसके अलावा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन देने से 6,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। सेवानिवृत्त नौकरशाह के मुताबिक राज्य सरकार ने वेतन, पेंशन, कर्ज चुकाने और ब्याज की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिवर्ष लगभग 1.30 लाख करोड़ रुपये का व्यय करने का वचन दिया है।