facebookmetapixel
अमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्त

UPI ने सितंबर में पार किया रोजाना 50 करोड़ लेनदेन का आंकड़ा; मगर वैल्यू में नहीं आया खास उछाल

Digital Transactions in September 2024: इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) लेनदेन के वॉल्यूम में सितंबर में 5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 43 करोड़ रहा, जो अगस्त में 45.3 करोड़ था।

Last Updated- October 01, 2024 | 9:33 PM IST
UPI इकोसिस्टम में PhonePe और Google Pay का बढ़ रहा एकाधिकार? NPCI उठाने जा रही यह कदम, PhonePe, Google Pay creating a duopoly in India's UPI space? NPCI to check

UPI Transaction: भारत के डिजिटल पेमेंट के लिए सबसे फेमस प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का उपयोग दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। सितंबर महीने में हर दिन 50.1 करोड़ से ज्यादा संख्या में ट्रांजैक्शन देखने को मिले। इन ट्रांजैक्शन्स की टोटल वैल्यू 68,800 करोड़ रुपये आंकी गई। हालांकि, मासिक आधार पर सितंबर महीना अगस्त 2024 के मुकाबले ज्यादा खास नहीं रहा। अगस्त में 1496 करोड़ कुल ट्रांजैक्शन किए गए। जबकि, सितंबर 2024 में इसमें महज 0.5% की बढ़ोतरी हुई और ये 1504 करोड़ हो गए।

सितंबर महीने में लेनदेन की संख्या यानी वॉल्यूम UPI के अप्रैल 2016 में शुरू होने के बाद से सबसे ज्यादा संख्या है। दैनिक लेनदेन की संख्या अगस्त में 48.3 करोड़ और 66,475 करोड़ रुपये के मुकाबले अधिक रही।

मूल्य के मामले में भी सितंबर में लेनदेन लगभग स्थिर रहा और 20.64 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था। अगस्त में UPI ट्रांजैक्शन 20.61 लाख करोड़ रुपये के बराबर रहा था। जुलाई में UPI लेनदेन की संख्या 1444 करोड़ और वैल्यू 20.64 लाख करोड़ रुपये पर थी।

UPI में YoY हुई 42 प्रतिशत की वृद्धि

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा शेयर किए गए डेटा के अनुसार, सितंबर 2024 में UPI लेनदेन में वॉल्यूम यानी संख्या के आधार पर 42 प्रतिशत की और मूल्य के आधार पर 31 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई।

Worldline India के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट (स्ट्रैटेजी, इनोवेशन एंड एनालिटिक्स के हेड) सुनील रोंगला ने कहा, ‘सितंबर के UPI लेनदेन संख्या दर्शाती हैं कि UPI डिजिटल लेनदेन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। डेटा से छोटे लेनदेन में वृद्धि का संकेत मिलता है।’

उन्होंने कहा, पिछले महीनों के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि UPI लेनदेन की मात्रा की वृद्धि में पर्सन टू मर्चेंट (P2M) लेनदेन की अहम भूमिका है, जो कि वस्तु या सेवाओं की खरीद के लिए होते हैं।’

IPMS ट्रांजैक्शन में आई गिरावट

इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) लेनदेन के वॉल्यूम में सितंबर में 5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 43 करोड़ रहा, जो अगस्त में 45.3 करोड़ था। मूल्य के लिहाज से IMPS लेनदेन में 2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 5.65 लाख करोड़ रुपये रही, जो अगस्त में 5.78 लाख करोड़ रुपये थी। जुलाई में यह 49 करोड़ और 5.78 लाख करोड़ रुपये पर थी। पिछले साल के मुकाबले, सितंबर में IMPS लेनदेन में मात्रा के हिसाब से 9 प्रतिशत की गिरावट और मूल्य के आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

सितंबर में फास्टैग लेनदेन भी घटा

फास्टैग लेनदेन (FASTag transactions) में भी सितंबर में 3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 31.8 करोड़ रहा, जो अगस्त में 32.9 करोड़ था। मूल्य के लिहाज से यह मामूली रूप से बढ़कर 5,620 करोड़ रुपये रहा, जो अगस्त में 5,611 करोड़ रुपये था। जुलाई में फास्टैग लेनदेन 32.3 करोड़ और मूल्य 5,578 करोड़ रुपये था। सितंबर 2023 की तुलना में इस महीने में वॉल्यूम में 7 प्रतिशत और मूल्य में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

AePS की संख्या अगस्त के करीब बराबर

आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के लेनदेन में सितंबर में 10 करोड़ की संख्या बरकरार रही, जो अगस्त में भी थी। जुलाई में यह 9.7 करोड़ थी। मूल्य के लिहाज से इसमें 2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 24,143 करोड़ रुपये रही, जो पिछले महीने 24,676 करोड़ रुपये थी। सितंबर 2023 की तुलना में, इस क्षेत्र में वॉल्यूम के हिसाब से 1 प्रतिशत और मूल्य के आधार पर 7 प्रतिशत की गिरावट हुई।

First Published - October 1, 2024 | 3:35 PM IST

संबंधित पोस्ट