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श्री सीमेंट के शानदार प्रदर्शन से मूल्यांकन को मिलेगी मदद

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Last Updated- December 14, 2022 | 9:15 PM IST

जुलाई-सितंबर तिमाही में श्री सीमेंट के प्रदर्शन कई लार्जकैप सीमेंट कंपनियों द्वारा दर्ज किए गए शानदार प्रदर्शन में शामिल किया गया है।
बिक्री के संदर्भ में, श्री सीमेंट के लिए यह सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 65.3 लाख टन रही। बिक्री वृद्घि लॉकडाउन प्रभावित अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले 36 प्रतिशत रही। शुरू में हालांकि पूरे भारत में उपस्थिति वाली अल्ट्राटेक ने ऊंचे आधार के साथ बिक्री में 8 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया और घरेलू परिचालन के लिए यह बिक्री 1.852 करोड़ टन दर्ज रही।
अंबुजा सीमेंट्स (श्री सीमेंट से तुलना योग्य) के लिए बिक्री समान वृद्घि के साथ 56.7 लाख टन रही जबकि एसीसी के लिए यह मामूली बढ़कर 64.9 लाख टन दर्ज की गई। स्पष्ट है कि श्री सीमेंट बिक्री वृद्घि के संदर्भ में इस श्रेणी में बढ़त बनाए हुए है। बिक्री के अलावा, मजबूत प्राप्तियों, लागत नियंत्रण और कम उत्पादन लागत से भी सभी सीमेंट कंपनियों को मदद मिली है और श्री सीमेंट ने भी इन मोर्चों पर बढ़त हासिल की है। कंपनी की प्राप्तियां मजबूत रहीं और वे विश्लेषकों के अनुमान से ज्यादा रहीं।
रिलायंस सिक्योरिटीज के बिनोद मोदी ने कहा है कि औसत प्रति टन प्राप्ति 4,555 रुपये पर दर्ज की गई जो उनके अनुमान के मुकाबले 95 रुपये ज्यादा थी।
मजबूत बिक्री वृद्घि और प्राप्तियों की मदद से श्री सीमेंट की परिचालन आय दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत (तिमाही आधार पर 31 प्रतिशत) बढ़कर 3,249.93 करोड़ रुपये रही। कम उत्पादन लागत और खर्च पर नियंत्रण से भी परिचालन प्रदर्शन में सुधार लाने में मदद मिली।
प्रति टन परिचालन लागत 3,046 रुपये पर रही जो सालाना आधार पर 5 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 7 प्रतिशत कम है। इसे घटते ईंधन खर्च (सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की कमी) से मदद मिली।
एमके गलोबल के अनुसार, प्रति टन वैरिएबल लागत और ऊर्जा खर्च भी 13-15 तिमाहियों में कम रहे हैं। इसलिए एबिटा सालाना आधार पर 17 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 41 प्रतिशत बढ़कर 999.73 करोड़ रुपये पर दर्ज किए गए जो विश्लेषकों के अनुमान से ज्यादा हैं।
प्रति टन एबिटा 1,510 रुपये पर रहा जो एक साल पहले की तिमाही में दर्ज किए गए 1,451 रुपये और पूर्ववर्ती तिमाही के 1,422 रुपये के मुकाबले ज्यादा है। कंपनी का प्रति टन एबिटा अल्टाटेक के 1,343 करोड़ रुपये और लाफार्ज होल्सिम ग्रुप कंपनियों -अंबुजा तथा एसीसी के 1,111 रुपये और 918 रुपये के मुकाबले भी बेहतर रहा है।
श्री सीमेंट के बेहतर प्रति टन लाभ ने लार्ज-कैप प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले उसके महंगे शेयर मूल्यांकन को उचित साबित किया है। कंपनी का कर-पूर्व लाभ 729.51 करोड़ रुपये पर रहा जो सालाना आधार पर 79.6 प्रतिशत की तेजी है, जबकि शुद्घ लाभ 68.4 प्रतिशत की वृद्घि के साथ 527.8 करोड़ रुपये पर रहा और यह विश्लेषकों के 371.4करोड़ रुपये के अनुमान से काफी ज्यादा है।
इसके अलावा, प्राप्ति और मांग में सुधार भी सीमेंट कंपनियों के लिए सकारात्मक बदलाव बना हुआ है। मांग में सुधार बाजार अनुमान के मुकाबले बेहतर है और इसे मजबूत ग्रामीण मांग से मदद मिली है जबकि इन्फ्रास्ट्रक्चर मांग भी बेहतर श्रम उपलब्धता के साथ सुधर रही है। श्री सीमेंट के प्रबंधन ने मांग सालाना 7-8 प्रतिशत की दर से बढऩे का अनुमान जताया है।
2020-21 की दूसरी छमाही में ओडिशा के अथागढ़ और महाराष्ट्र के पुणे में ग्राइंडिंग इकाइयों के शुरू होने से कंपनी की बिक्री और बाजार भागीदारी में सुधार आने की संभावना है। 2019-20 के अंत में कंपनी की सीमेंट क्षमता 4 करोड़ टन से कुछ ज्यादा थी।
कंपनी ने आक्रामक क्षमता विस्तार योजनाएं बनाई हैं और 6-7 वर्षों में क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। क्षमता अगले तीन साल में 5.7 करोड़ टन और 6 साल में 8 करोड़ टन के आंकड़े पर पहुंच जाने का अनुमान है। समय पर विस्तार कंपनी की वृद्घि को मजबूत बनाने वाले प्रमुख कारणों में से एक है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी अपनी पूंजी खर्च जरूरतें पूरी कर सकती है, वहीं विस्तार की योजनाएं भी सकारात्मक साबित होंगी।

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First Published - November 15, 2020 | 11:12 PM IST

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