facebookmetapixel
Advertisement
CGHS Rules: ₹3,000 तक की जांच के लिए क्या जरूरी है रेफरल? सरकारी कर्मचारी-पेंशनर्स समझें नए नियमUS-ईरान की भिड़ंत में फिर उबला क्रूड! $90 के पार निकला भाव, एक्सपर्ट बोले- आगे और बढ़ेंगे दामShankesh Jewellers IPO: पैसा लगाएं या नहीं? ₹367 करोड़ के IPO पर ब्रोकरेज की राय बंटी, ग्रे मार्केट में भी फीका रिस्पॉन्सटैक्स के नाम पर खाली हो सकता है बैंक खाता! 6,000 रुपये वाले फर्जी मैसेज से रहें सावधान1 साल के लिए कहां लगाएं पैसा? 444 दिन की FD पर SBI, PNB और BOB दे रहे कितना ब्याज, जानें पूरा हिसाबIPO मार्केट में NSE तोड़ेगा रिकॉर्ड! ₹5.26 लाख करोड़ के वैल्युएशन पर इश्यू लाने की तैयारी‘द केरला स्टोरी’ बनाने वाली कंपनी का IPO खुला, ₹282 करोड़ जुटाने की योजना; निवेश से पहले चेक करें प्राइस बैंड, GMPखुलने जा रहा नया IPO; ₹825 करोड़ जुटाने का है प्लान, कब होगी लिस्टिंग?15 अगस्त तक बारिश की कमी 13%, खरीफ बुवाई पर दिख रहा असर; धान का रकबा घटाइंफ्रा-मैन्युफैक्चरिंग की मांग से बनी रह सकती है मेटल शेयरों की चमक, इन 2 स्टॉक्स पर BUY की राय

दिसंबर तक ‘बीमा सुगम’ लाने की तैयारी में नियामक, एक ही प्लेटफॉर्म पर खरीदें और पॉलिसियों की तुलना करें

Advertisement

बीमा सुगम पहल को सबसे पहले बीमा नियामक द्वारा साल 2022 में प्रस्तावित किया गया था लेकिन इसे शुरू करने की कई अनुमानित तिथियां चूक गई हैं।

Last Updated- September 02, 2025 | 10:43 PM IST
insurance

बीमा नियामक की एमेजॉन की तरह बीमा पॉलिसियों को खरीदने, बेचने और बीमा संबंधी सेवाओं को एक ही जगह मुहैया कराने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने की महत्त्वाकांक्षी परियोजना ‘बीमा सुगम’ का पहला चरण दिसंबर में शुरू हो सकता है। घटनाक्रम से अवगत लोगों ने इसकी जानकारी दी। बीमा सुगम को पहले साल के मध्य में पेश करने की योजना थी मगर इसमें थोड़ी देर हुई है।

सूत्रों ने कहा कि बीमा सुगम को शुरू करने के पहले चरण में ई-केवाईसी मॉड्यूल और 2 से 3 उत्पाद पेश किए जाएंगे जो इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिकेंगे।
उद्योग अटकलें लगा रहा था कि भारतीय बीमा नियामक एवं वि​कास प्राधिकरण के चेयरमैन देवाशिष पांडा के इस साल मार्च में सेवानिवृत्त होने के बाद बीमा सुगम योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। हालांकि सूत्रों ने कहा कि ऐसा नहीं है। इसे पेश करने में देरी जरूर हुई है मगर इस पर अभी भी काम चल रहा है।

अजय सेठ ने तीन साल की अवधि के लिए भारतीय बीमा नियामक एवं वि​कास प्राधिकरण के नए चेयरमैन के रूप में पदभार संभाल लिया है। बीमा सुगम पहल को सबसे पहले बीमा नियामक द्वारा साल 2022 में प्रस्तावित किया गया था लेकिन इसे शुरू करने की कई अनुमानित तिथियां चूक गई हैं।

बीमा सुगम सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा जिसके एक व्यापक बाजार के रूप में काम करने की उम्मीद है जहां ग्राहक जीवन, स्वास्थ्य और सामान्य बीमा क्षेत्र की तमाम कंपनियों की पॉलिसियों की तुलना कर सकते हैं और उसके हिसाब से अपने लिए अनुकूल पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके अतिरिक्त यह वितरकों को भी लाभान्वित करेगा क्योंकि वे कम कीमत पर और कम समय में लेनदेन पूरा कर सकेंगे।

बीमा सुगम को बीमा उद्योग के लिए यूपीआई की तरह माना जा रहा है। यह एक सार्वजनिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर होने जा रहा है, जो पॉलिसीधारक को उत्पाद जीवनचक्र और उससे आगे की एंड-टू-एंड यात्रा की पेशकश करेगा। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य देश में सभी के लिए बीमा को सुलभ बनाना है। उम्मीद है कि बीमा सुगम विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला प्लेटफॉर्म साबित होगा।

बीमा सुगम, बीमा सुगम इंडिया फेडरेशन के अंतर्गत आता है जो कंपनी अधिनियम के तहत एक गैर-लाभकारी कंपनी है। इसके मुख्य कार्या​धिकारी प्रसून सिकदर हैं। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्रा​धिकरण में वित्त और निवेश के पूर्व सदस्य राकेश जोशी ने बीमा सुगम इंडिया फेडरेशन के चेयरमैन का पदभार संभाला है।

इसके पास 500 करोड़ रुपये की अधिकृत शेयर पूंजी है, जिसमें 300 करोड़ रुपये से अधिक चुकता पूंजी है। बीमा सुगम इंडिया फेडरेशन का स्वामित्व बीमा कंपनियों के पास है, जिनमें से प्रत्येक ने बीमा सुगम पहल के लिए एक तय राशि का निवेश किया है।

प्रोटियन ईजीओवी टेक्नॉलजीज को बीमा सुगम के विकास, कार्यान्वयन, सहयोग और रखरखाव के लिए प्रौद्योगिकी भागीदार के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म के लिए अधिकारियों की भर्ती की देखरेख के लिए एग्जीक्यूटिव एक्सेस को मानव संसाधन सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है। ईवाई इस परियोजना पर सलाहकार सहायता मुहैया करा रही है।

Advertisement
First Published - September 2, 2025 | 10:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement