facebookmetapixel
Stocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारी

‘सबसे पहले जीवन बीमा’ कैंपेन का नया चरण लॉन्च, 3 साल में जीवन बीमा परिषद खर्च करेगी ₹480 करोड़

इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के बीच व्यवहार में बदलाव लाना तथा जीवन बीमा समाधानों के बारे में जागरूकता और पहुंच बढ़ाना है।

Last Updated- July 02, 2025 | 10:48 PM IST
Insurance

अपने गैर-जीवन बीमा समकक्षों से प्रेरणा लेते हुए जीवन बीमा परिषद ने बुधवार को राष्ट्रव्यापी अभियान ‘सबसे पहले जीवन बीमा’ के अगले चरण की शुरुआत की। इसका मकसद बीमा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और देश में जीवन बीमा की पहुंच बढ़ाना है। परिषद ने इस पहल पर अगले 3 वर्षों के लिए सालाना 160 करोड़ रुपये तक खर्च करने की योजना बनाई है।

आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ कमलेश राव ने कहा, ‘अगले 3 साल तक हमने हर साल 150 से 160 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। कंपनियों का अंशदान एपीई (एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्वीवैलेंट) के आधार पर होगा। आगे चलकर जैसे जैसे मात्रा बढ़ेगी, उपलब्ध धन भी बढ़ता रहेगा।’

जीवन बीमा परिषद ने एक बयान में कहा, ‘इस अभियान की योजना एक वर्ष तक चलने वाली पहल के रूप में बनाई गई है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के बीच व्यवहार में बदलाव लाना तथा जीवन बीमा समाधानों के बारे में जागरूकता और पहुंच बढ़ाना है।’

वित्त वर्ष 2024 में जीवन बीमा की पहुंच घटकर 2.8 प्रतिशत रह गई, जो वित्त वर्ष 2023 में 3 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 2024 में जीवन बीमा उद्योग का कुल प्रीमियम सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत बढ़कर 8.29 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

First Published - July 2, 2025 | 10:33 PM IST

संबंधित पोस्ट