facebookmetapixel
Stock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआई

NBFC ने दिए 6 फीसदी ज्यादा कर्ज, त्योहारी मौसम में गोल्ड और पर्सनल लोन से हुआ इजाफा

औद्योगिक लॉबी समूह फाइनैंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल के बयान के अनुसार सितंबर 2023 में समाप्त दूसरी तिमाही की तुलना में कुल मंजूर ऋण चार फीसदी से अधिक कम हो गए थे।

Last Updated- April 03, 2024 | 10:11 PM IST
42 thousand crores written off, 9.90 lakh crores waived off in 5 years बट्टे खाते में गए 42 हजार करोड़, 5 साल में 9.90 लाख करोड़ की कर्ज़ माफी

गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का स्वीकृत ऋण (loan sanctions) दिसंबर 23 में समाप्त वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर छह फीसदी बढ़ गया। इसे त्योहारी मौसम में उपभोक्ता, स्वर्ण और व्यक्तिगत ऋण से बढ़ावा मिला है। हालांकि औद्योगिक लॉबी समूह फाइनैंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल (एफआईडीसी) के बयान के अनुसार सितंबर 2023 में समाप्त दूसरी तिमाही की तुलना में कुल मंजूर ऋण चार फीसदी से अधिक कम हो गए थे।

वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में स्वीकृत उपभोक्ता ऋण सालाना आधार पर 30 फीसदी बढ़ गया। तीसरी तिमाही में कुल मंजूर उपभोक्ता ऋण बढ़कर 29,813 करोड़ रुपये हो गया जबकि वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही में यह 22,950 करोड़ रुपये था। हालांकि वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में मंजूर ऋण 14 फीसदी बढ़े थे।

वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में स्वर्ण ऋण सालाना आधार पर 14 फीसदी बढ़े। इस खंड में वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में कुल मंजूर ऋण 44,743 करोड़ रुपये थे जबकि यह वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही में 39,305 करोड़ रुपये थे। यह वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही की तुलना में आठ फीसदी से अधिक बढ़े।

वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में व्यक्तिगत ऋण खंड में मंजूर ऋण सालाना आधार पर 27 फीसदी बढ़े थे। इस खंड में वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में कुल मंजूर ऋण बढ़कर 67,722 करोड़ रुपये हो गए जबकि यह वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही में 53,239 करोड़ रुपये थे। हालांकि एफआईडीसी के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 23 की दूसरी तिमाही की तुलना में मंजूर ऋण एक फीसदी की वृद्धि के साथ सपाट थे।

आवास ऋण के खंड में वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में दो फीसदी की गिरावट नजर आई। कुल मिलाकर वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में आवास ऋण गिरकर 47,199 करोड़ रुपये हो गया जबकि वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही में यह 48,122 करोड़ रुपये था। हालांकि वित्त वर्ष 23 की दूसरी तिमाही में गिरावट कहीं अधिक 13 फीसदी थी।

एफआईडीसी के महानिदेशक महेश ठक्कर ने बताया कि वाणिज्यिक वाहनों और उपकरणों के लिए ऋण और संपत्ति पर ऋण के मामलों में तेजी उत्साहवर्धक थी। यह पूंजीगत व्यय के फिर से जोर पकड़ने का संकेत है।

वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में वाणिज्यिक वाहनों की श्रेणी में सालाना आधार पर मंजूर ऋण में 17 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई जबकि इस खंड में वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में केवल एक फीसदी की वृद्धि हुई।

हालांकि सालाना आधार पर संपत्ति पर ऋण (एलएपी) 23 फीसदी बढ़ा जबकि यह वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में केवल छह फीसदी बढ़ा था। एफआईडीसी के अनुसार शहरों में मंजूर ऋण सालाना आधार पर 2 फीसदी बढ़ा जबकि यह ग्रामीण क्षेत्र में सालाना आधार पर 14 फीसदी बढ़ा था।

First Published - April 3, 2024 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट