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NABARD ने सोशल बॉन्ड से जुटाए 1,041 करोड़ रुपये

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NABARD को 1,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी करने थे और उसने 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बॉन्ड जारी करने का विकल्प यानी ग्रीन शू विकल्प भी अपने पास रखा था।

Last Updated- September 26, 2023 | 10:19 PM IST
Bond Market

राष्ट्रीय कृ​षि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने आज अपने पहले सोशल बॉन्ड के जरिये 1,041 करोड़ रुपये जुटाए। एएए रेटिंग वाले इस बॉन्ड की कूपन दर या ब्याज दर 7.63 फीसदी है यानी उस पर 7.63 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा।

नाबार्ड को 1,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी करने थे और उसने 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बॉन्ड जारी करने का विकल्प यानी ग्रीन शू विकल्प भी अपने पास रखा था। बाजार प्रतिभागियों ने बताया कि निवेशक इस विशेष बॉन्ड पर अ​धिक दर की मांग कर रहे थे, मगर नाबार्ड पहले से मौजूद अपने बॉन्डों से ज्यादा ब्याज देने को राजी नहीं था।

जेएम फाइनैंशियल के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख (निवेश ग्रेड समूह) अजय मंगलूनिया ने कहा, ‘सुबह प्रतिफल बढ़ रहा था क्योंकि नाबार्ड का यह सामाजिक क्षेत्र का विशेष बॉन्ड था। इस तरह के उद्देश्यों और क्षेत्रों के लिए विशेष तौर पर ईएसजी एवं अन्य बैंकों में निवेशकों की संख्या अधिक नहीं है। इसलिए जरूरी रकम जुटाना उसके लिए कठिन रहा। नाबार्ड ऊंचा ब्याज भी नहीं देना चाह रहा था।’

मंगलूनिया ने कहा, ‘इसलिए उन्होंने बुनियादी निर्गम भर के बॉन्ड ही जारी करने का फैसला किया। लोग सामान्य बॉन्ड से अधिक ब्याज मांग रहे थे। इसलिए नाबार्ड के सामान्य बॉन्डों जैसी ही कीमत आज भी मिली।’ नाबार्ड ने एक बयान में कहा कि इस बॉन्ड को संस्थागत निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और 8,590.50 करोड़ रुपये की बोलियां आईं। उसने कहा, ‘नाबार्ड ने 7.63 फीसदी ब्याज दर पर 1,040.50 करोड़ रुपये जुटाए हैं।’

इस बॉन्ड के लिए एके कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, आईसीआईसीआई सिक्यो. प्राइमरी डीलरशिप लिमिटेड और ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड ने व्यवस्था की।

बॉन्ड बाजार के दिग्गज और रॉकफोर्ट फिनकैप एलएलपी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन ने कहा, ‘द्वितीयक बाजार में 5 साल के बॉन्ड 7.68 फीसदी से 7.70 फीसदी ब्याज पर कारोबार कर रहे हैं।

इस​लिए बोली अपे​क्षित ही रही। मगर नाबार्ड इन बॉन्डों पर ‘ग्रीनियम’ की उम्मीद कर रहा था।’ ग्रीनियम उस प्रीमियम को कहते हैं, जो ग्रीन बॉन्ड की कीमत तय करते समय मिलता है। निवेशक पर्यावरण के लिए वित्तीय योगदान के नाम पर अधिक भुगतान करने या कम रिटर्न में काम चलाने के लिए तैयार रहते हैं।

प्रत्येक बॉन्ड का अंकित मूल्य 1 लाख रुपये था। क्रिसिल और इक्रा ने इस बॉन्ड को एएए रेटिंग दी है। नाबार्ड ने कहा कि बॉन्ड को भुनाने की तारीख 27 सितंबर 2028 है। ये पांच साल में पूरे हो जाएंगे और ब्याज सालाना मिलेगा।

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First Published - September 26, 2023 | 10:19 PM IST

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