यदि आपने आयकर रिटर्न (ITR) समय पर नहीं भरा है या पहले ही रिटर्न भर चुके हैं लेकिन उसमें कोई गलती या कमी पाई है, तो इसे सुधारने का अंतिम मौका अब 31 दिसंबर 2025 तक है। इस तारीख के बाद आमतौर पर कोई भी सुधार या बेलेटेड रिटर्न नहीं भरा जा सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस अंतिम तारीख तक रिटर्न फाइल करना इसलिए जरूरी है ताकि करदाता कानून के तहत अपनी आय, कटौतियां और किसी भी गलती को सही कर सकें। यदि इस तारीख के बाद सुधार करना हो, तो केवल सेक्शन 139(8A) के तहत संबंधित वित्तीय वर्ष के खत्म होने के 48 महीने के भीतर ही अपडेटेड रिटर्न भरा जा सकता है।
आईटी विभाग ने अधिकांश टैक्स रिफंड जारी कर दिए हैं, लेकिन कुछ मामलों में बैंक विवरण में गड़बड़ी या गलत डेटा के कारण रिफंड में देरी हो सकती है। अगर बैंक खाते पहले से प्री-वैलिडेटेड हैं, तो रिफंड की प्रक्रिया जल्दी पूरी होती है।
ICAI के पूर्व अध्यक्ष वेद जैन के अनुसार, यदि आपके रिटर्न में कोई गलती, छूट, या गलत दावा हुआ है, तो इसे सुधारने का यह आखिरी मौका है। इसमें चारिटेबल डोनेशन, राजनीतिक पार्टियों को दान, या किसी भी अन्य गलत कटौती शामिल हो सकती है।
इसके अलावा, यदि आपके पास भारत के बाहर कोई संपत्ति या आय है, चाहे कितनी भी छोटी हो, तो इसे भी अब रिटर्न में सही तरीके से घोषित किया जा सकता है। सभी निवासियों के लिए फॉरेन एसेट (Schedule FA) में विदेशी बैंक खाते और संपत्ति की जानकारी देना जरूरी है। अगर यह जानकारी नहीं दी जाती है, तो ब्लैक मनी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
यदि यह आय या संपत्ति पिछले वित्तीय वर्ष से संबंधित है, तो सेक्शन 139(8A) के तहत इसे 25% से 70% अतिरिक्त टैक्स देकर रिपोर्ट किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, वर्ष 2021-22 का अपडेटेड रिटर्न 31 मार्च 2026 तक भरा जा सकता है।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि करदाता इस अंतिम अवसर का उपयोग जल्द से जल्द कर अपने रिटर्न में सुधार करें और संभावित कानूनी परेशानियों से बचें।