facebookmetapixel
Advertisement
STT बढ़ा, निवेश घटा… आर्बिट्राज फंड के लिए आगे कैसा रहेगा रास्ता?नासा का आर्टेमिस 2 मिशन शुरू, 50 साल बाद चंद्रमा के पास पहुंचेगा इंसानऊर्जा संकट से निपटने के लिए आईएमएफ, आईईए और विश्व बैंक का गठजोड़, मिलकर करेंगे कामकेंद्र सरकार के खातों में गड़बड़ी! CAG ने पकड़ी 12,754 करोड़ की बड़ी गलतीट्रंप का बड़ा ऐलान: पेटेंट दवाओं पर 100% टैरिफ, कंपनियों को समझौते की चेतावनीइमामी का बड़ा दांव! 300 करोड़ में एक्सिओम आयुर्वेद में खरीदेगी हिस्सापश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत पर बढ़ी जिम्मेदारी, मालदीव ने मांगा तेल; सरकार कर रही विचारAgriTech: दक्षिण-पूर्व एशिया में 90 अरब डॉलर का मौका! भारत मॉडल बना उदाहरणएयरटेल ने रचा इतिहास! 65 करोड़ ग्राहक, दुनिया में नंबर 2 बनावैश्विक तनाव के बावजूद भारत मजबूत, निर्यातकों की मदद करेगी सरकार: गोयल

बैंकइंश्योरेंस फ्रेमवर्क के रिव्यू के लिए IRDAI ने गठित की टास्क फोर्स

Advertisement

IRDAI ने 2047 तक सबको बीमा देने का लक्ष्य रखा है, जिसके मुताबिक बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए यह जरूरी है कि बैंकों की शाखाओं का व्यापक इस्तेमाल किया जाए।

Last Updated- November 01, 2023 | 11:50 PM IST
Insurance policy

भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने मौजूदा बैंकइंश्योरेंस ढांचे की समीक्षा करने के लिए कार्यबल का गठन किया है। इसका मकसद पॉलिसियों की गलत बिक्री/जबरिया बिक्री की शिकायतों के बीच इसकी दक्षता में सुधार किया जा सके।

नियामक ने अधिसूचना में कहा है, ‘देश के हर इलाके में बैंकों और उनकी शाखाओं का बड़ा नेटवर्क होने के बावजूद कॉर्पोरेट एजेंट के रूप में बैंकों की हिस्सेदारी 2022-23 में गैर जीवन बीमा प्रीमियम में 5.93 प्रतिशत और जीवन बीमा के न्यू बिजनेस प्रीमियम में 17.44 प्रतिशत है।’

इसके अलावा बीमा पॉलिसियों के वितरण के लिए बीमा ब्रोकरों के रूप में अलग से कानूनी इकाई स्थापित कर सकते थे, लेकिन बैंकों ने यह कवायद नहीं की।

नियामक ने 2047 तक सबको बीमा देने का लक्ष्य रखा है, जिसके मुताबिक बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए यह जरूरी है कि बैंकों की शाखाओं का व्यापक इस्तेमाल किया जाए।

Advertisement
First Published - November 1, 2023 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement