facebookmetapixel
जमा वृद्धि की सुस्ती से बैंक सीडी बाजार पर ज्यादा निर्भर, जुटाए 5.75 लाख करोड़ रुपयेड्रोन, रोबोट्स, रॉकेट लॉन्चर से लेकर हाइपरसोनिक मिसाइल तक, गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सेना की नई ताकतAxis Bank Q3 Results: मुनाफा बढ़कर ₹6,490 करोड़ पर पहुंचा, आय में 4.3% की बढ़ोतरीभारत की मिड-मार्केट कंपनियों के लिए प्राइवेट लोन बन रहा फंडिंग का मुख्य विकल्प: रोहित गुलाटीसोने ने रचा इतिहास: 5,000 डॉलर के पार पहुंची कीमत; वैश्विक तनाव के चलते निवेशकों का बढ़ा भरोसाघरेलू मांग पर बड़ा दांव: JSW Steel का FY31 तक ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश का प्लानRepublic Day 2026: गणतंत्र दिवस परेड में असम की झांकी में अशारिकांडी की टेराकोटा शिल्प परंपरा की झलक Republic Day 2026: प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की Republic Day 2026 Live Updates: वंदे मातरम् और ऑपरेशन सिंदूर की गूंज, 97 मिनट की परेड… दुनिया ने देखी भारत की शक्तिStock market holiday: गणतंत्र दिवस पर आज शेयर बाजार खुलेगा या बंद रहेगा? दूर करें कंफ्यूजन

Insurance industry: लोक सभा चुनाव के नतीजों का उद्योग की रफ्तार पर नहीं होगा असर

लोकसभा चुनाव के नतीजों का बीमा उद्योग पर कोई असर नहीं होगा: विशेषज्ञ

Last Updated- June 04, 2024 | 11:37 PM IST
Insurance

लोक सभा चुनाव के नतीजों का देश के बीमा उद्योग पर कोई असर नहीं होगा। इस उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि चाहे कोई भी दल या गठबंधन सत्ता में क्यों न आए, इससे बीमा कारोबार की वृद्धि प्रभावित नहीं होगी। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी विभा पाडलकर ने कहा, ‘बीमा नियामक के मारग्दर्शन में हम 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

इस लक्ष्य के लिए काफी कुछ करना होगा और इस दिशा में काफी काम भी शुरू हो चुका है, खासकर, राज्य स्तरीय बीमा योजनाओं को लेकर। केंद्र की सत्ता पर कोई भी दल काबिज क्यों न हो इससे कोई अंतर नहीं पड़ने वाला। हम कैसे पहुंच, जागरूकता और किफायत ला सकते हैं, इसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। ‘ बीमा क्षेत्र के अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र के महत्त्व के करारण अधिक से अधिक लोगों को बीमा सुविधाएं देने में सरकार हरसंभव मदद करेगी, भले ही सरकार किसी भी दल की क्यों नहो।

टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस में कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रमुख (दुर्घटना एवं स्वास्थ्य दावे) राजगोपाल रुद्रराजू कहते हैं, ‘बीमा उद्योग में जो भी बदलाव होते हैं वह बीमा नियामक करता है। इस संबंध में सरकार से मिलने वाले दिशानिर्देश भी महत्त्वपूर्ण होते हैं।

लिहाजा सरकार किसी की हो, उद्योग की निरंतरता कोई असर नहीं होगा।‘ बीमा उद्योग से जुड़े लोगों ने यह भी कहा कि अगर केंद्र में नई सरकार बनती भी है तो वह शायद ही नियामक के पिछले निर्णयों को पलटेगी। पाडलकर ने कहा, ‘केंद्र में कुछ भी हो रहा हो मगर यह सभी समझते हैं कि बीमा का लाभ मिलना सभी के हित में है। इससे लोगों के जीवन में कम से कम बुनियादी स्तक की निश्चिंतता का भाव पैदा होगा।’

First Published - June 4, 2024 | 11:37 PM IST

संबंधित पोस्ट