facebookmetapixel
चांदी के भाव में ऐतिहासिक गिरावट: 1980 और 2011 जैसे क्रैश की आहट, क्या और गिरेंगे दाम?Budget 2026 में मिडिल क्लास के लिए क्या-क्या था? एक्सपर्ट ने बताया मध्यम वर्ग कहां उठा सकते हैं फायदाRBI पॉलिसी के बाद बैंकिंग सेक्टर पर फोकस, एक्सपर्ट ने कहा- इन चुनिंदा बैंक शेयरों पर रखें नजर₹1.46 लाख का एक शेयर, डिविडेंड सिर्फ 3 रुपये; दिग्गज टायर कंपनी का निवेशकों के लिए ऐलानMRF का मुनाफा 119% उछला, Q3 में ₹692 करोड़ का प्रॉफिट, शेयर में जोरदार उछालSuzlon Energy Share: छह महीने में 30% टूटा, Q3 में कमाई 42% बढ़ी; क्या अब आ गया खरीदने का समय ?REITs को लोन का प्रस्ताव, RBI MPC ने रियल एस्टेट के लिए खोल दिया नया रास्ताLIC Share Price: शानदार Q3 नतीजों के बाद शेयर 7% उछला, ब्रोकरेज बोले- आगे भी रिटर्न की उम्मीदRBI MPC ने दरें स्थिर रखीं, फैसले के बाद सरकारी बॉन्ड यील्ड 4 bps बढ़ीRBI MPC: सहकारी बैंक अब नहीं रहेंगे कमजोर, RBI लॉन्च करेगा ‘मिशन सक्षम’; NBFCs को भी सौगात

भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार के कारण बढ़ा बैंकों में विदेशी निवेश

इस साल जापान के एसएमबीसी ने येस बैंक में 24.22 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी। एसएमबीसी ने निजी इक्विटी निवेशकों के जरिए इस बैंक में अन्य 4.22 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी

Last Updated- October 16, 2025 | 2:17 AM IST
investment

भारत के दीर्घकालिक वृद्धि दृष्टिकोण  के साथ बैंकिंग क्षेत्र में जबरदस्त विदेशी निवेश के समग्र नजरिए के कारण बैंक बढ़-चढ़कर समझौते कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन समझौतों का ध्येय बैंकों को बड़ा और मजबूत बनाना है। बैंकों में विदेशी निवेश भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सरकार के कारण बढ़ा है।

इस साल जापान के सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एसएमबीसी) ने येस बैंक में 24.22 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी। दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक ने सात निजी बैंकों के साथ वर्ष 2020 में येस बैंक के पुनर्निर्माण चरण के दौरान इस बैंक में निवेश किया था। इन बैंकों ने सामूहिक रूप से अपनी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी एसएमबीसी को लगभग 13,482 करोड़ रुपये में बेच दी।

एसएमबीसी ने निजी इक्विटी निवेशकों के जरिए इस बैंक में अन्य 4.22 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। यह किसी भारतीय बैंक में एकल सबसे बड़ा विदेशी निवेश दर्ज हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यह लेन देन विदेशी वित्तीय संस्थानों द्वारा इसी तरह के सौदों के लिए मिसाल कायम कर सकता है।

दरअसल विदेशी वित्तीय संस्थान लंबे समय से स्वामित्व और मतदान अधिकारों पर नियामक सीमाओं से बाधित हैं। रिजर्व बैंक निजी बैंकों में विदेशी निवेशकों के वोट को 26 प्रतिशत और वित्तीय संस्थानों के प्रत्यक्ष निवेश को 15 प्रतिशत तक सीमित करता है।

First Published - October 15, 2025 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट