facebookmetapixel
Advertisement
पहली बार लोन लेने से पहले जरूर जान लें ये बातें, एक गलती पड़ सकती है भारीकमजोर रिटर्न से AMC कंपनियों की बढ़ी मुश्किल, ब्रोकरेज ने बताए अपने टॉप पिकन्यू टैक्स रिजीम के हिसाब से दिया टैक्स, पर ओल्ड रिजीम से भरा ITR तो क्या होगा? दिल्ली ITAT ने किया साफचीनी मिलों पर सरकार सख्त, पेराई सीजन शुरू होने से पहले करना होगा किसानों का बकाया भुगतानNPS वात्सल्य से जुड़े 4.9 लाख बच्चे! कैसे इस स्कीम से जुड़कर आप अपने संतान का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं?नेस्ले पर FSSAI का शिकंजा! NAN और Lactogen के दावों पर उठे सवाल, बायोटिन टेस्ट में भी मिली गड़बड़ीNSE IPO दूसरे दिन दोगुना भरा, QIB और NII से भारी डिमांड, लेकिन ग्रे मार्केट से सुस्त संकेतअदाणी ग्रुप के शेयरों में 15% तक उछाल, जेफरीज ने इन 4 शेयरों पर दी BUY रेटिंग, 43% तक अपसाइड के टारगेटभारत में iPhone 18 का क्रेज: Apple स्टोर्स पर खरीदारों की लगीं लाइनेंDefence PSU: दुगराजपट्टनम में नया शिपयार्ड बनाएगी मझगांव डॉक, ₹15,000 करोड़ का करेगी निवेश, शेयर उछला

अमेरिकी प्रतिस्प​​र्धियों से ज्यादा है भारतीय बॉन्ड प्रतिफल

Advertisement
Last Updated- June 05, 2023 | 11:29 PM IST
Bond Market

सप्ताह की शुरुआत भारत सरकार के बॉन्ड प्रतिफल (bond yields) में तेजी के साथ हुई और यह सोमवार को 7 प्रतिशत के आसपास पहुंच गया। इससे पता चलता है कि इसमें अमेरिकी प्रतिस्प​र्धियों के मुकाबले तेजी आई है, हालांकि निवेशक RBI की मौद्रिक नीति के रिर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

10 वर्षीय बेंचमार्क 7.26 प्रतिशत पर आधारित 2033 का बॉन्ड प्रतिफल 6.9958 प्रतिशत पर बंद हुआ, जो पूर्ववर्ती सत्र में 6.9823 प्रतिशत था। एके कैपिटल सर्विसेज के उपाध्यक्ष योगेश कलिंगे ने कहा, ‘बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि पर नजर रखना अमेरिकी प्रतिस्प​र्धियों में उतार-चढ़ाव के समान है। उनकी ब्याज दरों को लेकर नजरिया विपरीत है।’

मई में रोजगार अनुमान से ज्यादा बढ़ने के बाद अमेरिकी बॉन्ड कीमतों गिरावट आई। इससे फेडरल रिजर्व पर इस महीने दर वृद्धि का दबाव पड़ सकता है।

मई में अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल में 339,000 तक का इजाफा हुआ और देश में मार्च और अप्रैल में अनुमान के मुकाबले 93,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा हुईं।

10 वर्षीय प्रतिफल 3.74 प्रतिशत पर रहा, जो गुरुवार के बंद भाव से 13 आधार अंक ज्यादा है, जबकि दो वर्षीय प्रतिफल 22 आधार अंक की तेजी के साथ 4.55 प्रतिशत रहा। दो वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल को ब्याज दर अनुमानों का संकेतक माना जाता है।

अभी भी, भारतीय बॉन्ड प्रतिफल में तेजी कुछ हद तक सीमित रही है क्योंकि कारोबारियों को RBI की मौद्रिक नीति समिति के 8 जून को आने वाले निर्णय का इंतजार है।

Also read: IREDA IPO: एक और सरकारी कंपनी का आने वाला है IPO, बीते साल कंपनी को हुआ था 865 करोड़ का प्रॉफिट

64 अर्थशास्त्रियों के रॉयटर्स के सर्वेक्षण से पता चलता है कि RBI जून के साथ साथ 2023 के शेष समय में मुख्य ब्याज दर को 6.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित बनाए रखेगा।

पूर्ववर्ती वित्त वर्ष में रीपो दर में 250 आधार अंक तक तक की वृद्धि करने के बाद केंद्रीय बैंक ने अपनी अप्रैल की नीतिगत समीक्षा में दरें अपरिवर्तित बनाए रखकर बाजारों को चकित कर दिया।

Advertisement
First Published - June 5, 2023 | 7:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement