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ब्याज दरों में कटौती के बाद मुनाफावसूली से सरकारी बॉन्ड की यील्ड पर आंशिक असर

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बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड कारोबार के दौरान तब 6.45 फीसदी तक गिर गई थी। हालांकि अंत में यह 6.49 फीसदी पर टिकी

Last Updated- December 05, 2025 | 10:51 PM IST
SEBI Indian Bond Market

शुक्रवार को कारोबार के अंत तक सरकारी बॉन्ड की शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा कम हो गया क्योंकि म्युचुअल फंडों और निजी बैंकों ने यील्ड में आई शुरुआती गिरावट के बाद लाभ पर बॉन्डों की बिक्री की। डीलरों ने यह जानकारी दी। बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड कारोबार के दौरान तब 6.45 फीसदी तक गिर गई थी, जब केंद्रीय बैंक ने नीतिगत रीपो दर 25 आधार अंक घटाकर 5.5 फीसदी कर दी। हालांकि यह 6.49 फीसदी पर टिकी जबकि पिछला बंद स्तर 6.51 फीसदी था।

इस महीने आरबीआई द्वारा 1 लाख करोड़ रुपये के ओएमओ खरीद की घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट आई। हालांकि, आरबीआई गवर्नर के यह स्पष्ट करने के बाद कि ओएमओ का मकसद तरलता को बढ़ावा देना है, बॉन्ड यील्ड को सीधे नियंत्रित करना नहीं, तो गिरावट में कुछ कमी आई।

गवर्नर ने अपने बयान में कहा, मैं यह दोहराना चाहूंगा कि मौद्रिक नीति का प्राथमिक साधन नीतिगत रीपो दर है। यह उम्मीद की जाती है कि अल्पकालिक ब्याज दरों में बदलाव विभिन्न दीर्घकालिक दरों पर भी लागू होंगे। साथ ही, खुले बाजार परिचालनों का प्राथमिक मकसद पर्याप्त तरलता प्रदान करना है, न कि सरकारी प्रतिभूतियों के यील्ड को सीधे प्रभावित करना। इसके अलावा, बाजार का एक वर्ग 25 आधार अंकों की कटौती को इस चक्र की अंतिम कटौती के रूप में देख रहा है, जिससे सरकारी बॉन्ड बाजार में मुनाफावसूली को बढ़ावा मिला।

प्राइमरी डीलरशिप के एक डीलर ने कहा, नीति नरम थी, लेकिन गवर्नर की ओर से आगे ब्याज दरों में कटौती की संभावना के संकेत मिले-जुले थे। बाद में हमें म्युचुअल फंडों और निजी बैंकों की मुनाफावसूली देखने को मिली। उन्होंने कहा, अब ब्याज दरों का दायरा 6.45-6.60 फीसदी से बदलकर 6.40-6.55 फीसदी हो जाएगा (बेंचमार्क 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड पर यील्ड)।

बॉन्ड बाजार में ब्याज दरों में कटौती के असर के बारे में आरबीआई गवर्नर ने स्पष्ट किया कि मौजूदा बॉन्ड यील्ड और स्प्रेड मोटे तौर पर पहले के स्तर के समान ही हैं और स्प्रेड ज्यादा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब नीतिगत रीपो दर कम होती है तो स्प्रेड ज्यादा हो जाते हैं और 10 साल के बॉन्ड पर 5.50-5.25 फीसदी के स्प्रेड की उमम्दी करना अवास्तविक है। यह स्प्रैड पहले 6.50 फीसदी पर था।

गवर्नर ने नीतिगत घोषणा के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, अगर आप अपने मौजूदा बॉन्ड यील्ड की तुलना पहले के बॉन्ड यील्ड और स्प्रेड से करें तो वे कमोबेश एक जैसी ही हैं। स्प्रेड ज्यादा नहीं हैं। ध्यान रखें कि जब पॉलिसी रीपो रेट कम होगी तो स्प्रेड ज्यादा होगा। आप यह उम्मीद नहीं कर सकते कि 6.50 फीसदी का स्प्रेड, 10 साल के बॉन्ड के लिए 5.50 फीसदी या 5.25 फीसदी के स्प्रेड जितना ही होगा।

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First Published - December 5, 2025 | 10:17 PM IST

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